धरपकड़ के दौरान एक ने किया भागने का प्रयास तो हो गया घायल
मेरठ। मेरठ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो कि आवारा पशुओं के लिए काल था। यह गिराह के सदस्य रात में निकलते थे और जहां पर भी आवारा पशु दिखाई देते थे। गिरोह के सदस्य जहरीला चारा या फिर नशीला इंजेक्शन देकर आवारा पशु को बेहोश कर देते थे। इसके बाद अपने वाहन में लादकर सुनसान जगह जाकर पशु को काटकर बेच देता था। यह गिरोह मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों में भी ऐसी घटनाओं का अंजाम देता था।
पुलिस ने मुठभेड़ में इस गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा है। जिसमें से एक पुलिस गिरफ्त से भागने के दौरान घायल हो गया। घायल गोकश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लिसाड़ी गेट पुलिस के अनुसार पकड़े गए लोग पश्चिम यूपी के सभी जिलों में पशु कटान की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार ये चलता-फिरता कमेला है।
पुलिस को इनके पास से हथौड़ा, छैनी, चाकू, कुल्हाड़ी के अलावा भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और नशीली गोलियां बरामद हुई हैं। गैंग के सदस्यों के अनुसार ये लोग हापुड़, मोदीनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, गढ़, स्याना, बुलंदशहर आदि जिलों में सक्रिय थे और पशु कटान की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस को इनमें पास से एक जिंदा गाय और दो गोवंश भी बरामद हुए हैं। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि शहर और देहात में ये गिरोह रात को निकलता था और जहां भी आवारा पशु या गोवंश मिलते थे, उन्हें नशीला इंजेक्शन लगा देते थे। इसके बाद अपने ही वाहन में या फिर किसी सुनसान जगह पर ले जाकर पशुओं को काटकर उनका मीट निकाल लेते थे और बेंच देते थे। गिरोह में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं उनकी तलाश की जा रही है।