मेरठ के दायमपुर क्षेत्र में तेजाब से झुलसा शव मिलने से फैल गया तनाव
मेरठ। मेरठ के थाना कंकरखेड़ा के शोभापुर गांव में एक बार फिर से जातीय तनाव फैल गया है। गुर्जर समुदाय और दलित समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए हैं। दायमपुर क्षेत्र में गुर्जर युवक की हत्या होने के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। बताते चलें कि कंकरखेड़ा के शोभापुर गांव में दलित और गुर्जर समुदाय में बीती चार अप्रैल 2018 को खूनी संघर्ष हो गया था। इसमें दलित समुदाय के युवक गोपी पारिया की हत्या कर दी गई थी। जिसमें गुर्जर समुदाय के चार युवकों को नामजद किया गया था। गोपी पारिया की हत्या के बाद से ही गांव में दलित समुदाय में बदले की आग जल रही है। दायमपुर के पास मिले तेजाब से झुलसे युवक के शव की पहचान रविवार की शाम को हो गई। शव की पहचान मोनू गुर्जर निवासी शोभापुर के रूप में हुई है। गांव में तब से ही जातीय तनाव बना हुआ है।
मृतक मोनू गोपी पारिया की हत्या के आरोपी जेल में बंद सपा नेता मनोज गुर्जर का भतीजा था। मृतक मोनू के भाई अनिल ने बताया कि उसके भाई मोनू को दलित ईशु नाम का लड़का होली के दिन बुलाकर दायमपुर गांव ले गया था। उसको पहले शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए मोनू के चेहरे पर तेजाब डाल दिया गया। मामले में चार लोगों को नामजद किया गया है।
गुर्जर बिरादरी के युवक की हत्या के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है। जिसके चलते एसएसपी नितिन तिवारी ने गांव में आरएएफ तैनात की है। मृतक के भाई अनिल के अनुसार बजरंग और नीशू ने मिलकर उसके भाई की हत्या की है। अभी तक तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। बता दें कि इससे पहले भी एक गुर्जर युवक की खेत में काम करते समय गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।