42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, अभी इतने दिनों तक नहीं मिलेगी राहत
मेरठ. पश्चिम उप्र में गर्मी का कहर जारी है। मौसम विभाग की माने तो इस बार गर्मी ने जून में पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही आसमान से आग बरसनी शुरू हो जाती है। सूरज की आग लोगों को झुलसा रही है। सूरज की तपिश और लू ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मेरठ में बीते शुक्रवार को तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था। जो अब तक जून का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन में पारा और ऊपर जाने की संभावना है। 28 जून से पहले बारिश के आसार नहीं है। बीते एक सप्ताह से भीषण गर्मी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालात यह है कि चिलचिलाती धूप में लोग घरों से बाहर निकलने में भी परेशानी महसूस कर रहे हैं। दिन में दस बजे के बाद से सड़कों पर सन्नाटा पसरा जाता है। मौसम विभाग ने भी गर्मी से बचने के लिए अलर्ट जारी किया है कि 27 जून तक गर्मी इसी तरह परेशान करती रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले का पारा 41.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सरकार ने जारी की गर्मी से बचने की एडवाइजरी
सरकार ने भी गर्मी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और डीएम को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे जन सामान्य को लू से बचने के लिए पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके लिए ऐसे प्रचार माध्यम का सहारा लें, जो अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने में सुलभ हो सके। एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को गर्मी से बचने के लिए पानी, तरल पदार्थ जैसे छाछ, नींबू पानी, पना आदि का उपयोग करने की सलाह दी जाए। यात्रा करते समय लोग पाने साथ पानी साथ रखें। निर्जलीकरण से बचने के लिए एलेक्ट्रोल या ग्लूकोज का प्रयोग करें। संतुलित हल्का और नियमित भोजन करें, अधिक प्रोटीन वाले तथा बासी खाना खाने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग को भी किया गया सचेत
स्वास्थ्य विभाग को भी सचेत किया गया है। गर्मी में सबसे अधिक लोग हीट स्टोक की वजह से बीमार होते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी इससे बचने के सभी इंतजाम किए हुए हैं। सीएमओ मेरठ डॉ. राजकुमार ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और ओआरएस घोल के अलावा ग्लूकोस मौजूद है। जिला अस्पताल में भी अगल से एक वार्ड बनाया गया है।