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सौरभ हत्याकांड अपडेट: नीले ड्रम वाली मुस्कान बोली-संपत्ति के लिए फंसाया गया, थानेदार समेत इन्हें कोर्ट में तलब करने की मांग; आज क्या?

Muskan And Sahil Blue Drum Case Update: पति को मारकर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान के केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में अगली सुनवाई जानिए कब होनी है?

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मेरठ

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Harshul Mehra

May 01, 2026

big update in case of muskan and sahil who killed saurabh and stuffed his remains in blue drum meerut

सौरभ हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Muskan And Sahil Blue Drum Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित सौरभ हत्याकांड में गुरुवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने अदालत से पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक विशेषज्ञ को तलब करने की अपील की है, जिससे केस में एक नया मोड़ आ गया है। अब इस मामले में शुक्रवार को फिर से सुनवाई होगी।

किन अधिकारियों को बुलाने की मांग?

बचाव पक्ष ने ब्रह्मपुरी थाने के थानेदार, हेड मोहर्रिर, वायरलेस ऑपरेटर और फोरेंसिक एक्सपर्ट को अदालत में पेश करने की मांग की है। इसके साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान की थाने की CCTV फुटेज, वायरलेस संदेश और जनरल डायरी (जीडी/रोजनामचा) का रिकॉर्ड भी मंगाने की अपील की गई है।

जेल में बंद हैं आरोपी मुस्कान और साहिल

बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला जिला कारागार में बंद हैं। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है।

गवाही चरण पूरा, अब आरोपियों से सवाल-जवाब

मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद गवाही का चरण पूरा हो चुका है। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों से गवाहों के बयानों से जुड़े 32-32 सवाल पूछे। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया। मुस्कान का कहना कि उन्हें संपत्ति विवाद के चलते फंसाया गया है।

बचाव पक्ष ने मांगा था समय

मंगलवार को आरोपी साहिल की ओर से पैरवी कर रही वकील ने साक्ष्य और गवाह पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। इसके बाद शुक्रवार को बचाव पक्ष ने चार संभावित साक्ष्य-गवाहों की सूची अदालत में पेश कर दी।

गिरफ्तारी से जुड़े रिकॉर्ड पर जोर

बचाव पक्ष ने 18 मार्च 2025 को हुई गिरफ्तारी से लेकर अगले दिन तक की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने थाने की CCTV फुटेज, एक सप्ताह का जीडी रिकॉर्ड, वायरलेस संदेशों का डेटा और हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू की जांच करने वाले फोरेंसिक एक्सपर्ट को अदालत में बुलाने की मांग की है।

अभियोजन पक्ष कर सकता है आपत्ति

अब इस मामले में अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे और एडवोकेट विजय बहादुर बचाव पक्ष की इन मांगों पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि इन मांगों को स्वीकार किया जाए या नहीं।

अगली सुनवाई पर टिकी नजर

फिलहाल इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजर शुक्रवार (1 मई) की सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत बचाव पक्ष की अपील पर फैसला ले सकती है। इस निर्णय के बाद केस की दिशा और आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।