Bakrid 2023 : मेरठ में सड़क पर ईद की नमाज को लेकर मामला सुर्खियों में है। हिंदू संगठनों ने ईद की नमाज सड़क पर होने को लेकर विरोध जताया है। हिंदू संगठन के सचिन सिरोही का कहना है कि अगर सड़क पर ईद की नमाज हुई तो वहीं पर हिंदू हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करेगा।
Bakrid 2023: 29 जून को ईद उल अजहा का पर्व मनाया जाएगा। बकरीद पर सड़क पर नमाज ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन मुस्लिम संगठनों से अपील कर रहा है। पुलिस प्रधासन ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर सड़क पर ईद की नमाज नहीं करने का अनुरोध किया है। अब हिंदू संगठन भी इसके विरोध में उतर आया है। मेरठ में हिंदू सगठनों ने आज बकायदा एक पत्रकार वार्ता बुलाई। जिसमें उन्होंने ईद की नमाज सड़क पर अदा करने का विरोध जताया। इसी दौरान एलान किया गया कि अगर ईद की नमाज सड़क पर अदा की गई तो हिंदू संगठन भी उसी समय वहीं पर हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करेगा। इसको लेकर अब टकराव की स्थिति बन गई है।
हिंदू संगठन के सचिन सिरोही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर सभी प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई हुई है। सरकार की रोक के बावजूद भी मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा की जाती है। सचिन सिरोही ने कहा कि मेरठ पुलिस प्रशासन सड़क पर धार्मिक कार्यक्रम रोकने के लिए अभियान चलाता है। लेकिन ईद के दिन ये अभियान असफल हो जाता है। ईद पर मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा की जाती है।
उन्होंने कहा कि इस बार हम मेरठ पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर सड़कों पर ईद की नमाज अदा करने से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी सड़क पर ईद की नमाज अदा की जाती है तो उसी समय हिंदू संगठन के कार्यकर्ता हनुमान चालीसा और सुदंर कांड का पाठ करेंगे। उन्होंने मेरठ पुलिस प्रशासन से कहा कि जो भी इस बार ईद की नमाज सड़क पर करता पाया जाए। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। जैसा कि यूपी के अन्य शहरों में किया गया है।
बता दें कि सचिन सिरोही को परीक्षित गढ़ में युवक की हत्या के मामले में जाम लगाने और एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी का पुतला फूंकने के मामले में जेल भेजा था। हाल के दिनों में वो जमानत पर छूटकर आए हैं। उनका कहना है कि जब हिंदुओं के धार्मिक कार्य मंदिरों और धर्मशालाओं के भीतर होते हैं तो ईद की नमाज मस्जिद के अंदर क्यों नहीं की जा सकती है। अभी दो महीने पहले ही ईद उल जुहा का पर्व मनाया गया था। जिसमें सड़क पर ईद की नमाज अदा की गई थी। उस दौरान पुलिस प्रशासन ने इसका संज्ञान नहीं लिया था।