कमिश्नरी चौराहे पर होमगार्ड ने किया ये काम तो जुट गई भीड़
मेरठ। समाज को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, योगीराज में वही कंधे अपने परिवार के खर्चे का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं। कारण कई-कई महीने तक वेतन का न मिलना है। वेतन न मिलने से मुफलिसी में जी रहे परिवार को देख होमगार्ड के एक जवान ने खुद को ही खत्म करने का ऐलान कर दिया और मेरठ कमिश्नरी चौराहे पर पहुंच गया पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने। समय रहने वहां पर मौजूद मीडियाकर्मियों ओर पुलिस कर्मियों ने उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर उसको बचा लिया। नहीं तो बड़ी अनहोनी हो जाती।
मौके पर पहुंचे एसपी सिटी रणविजय सिंह ने जब होमगार्ड से आत्महत्या का कारण पूछा तो उसका गुबार फूट पड़ा। उसने बताया कि उसको पांच माह से वेतन नहीं मिला है। जिसके कारण उसका भुखमरी के कगार पर है। एसपी सिटी ने होमगार्ड को लाइन पर भिजवाया और कमांडेट से बात करने की बात कही। पांच माह से वेतन न मिलने से गुस्साए डायल 100 पर तैनात एक होमगार्ड मुकेश कुमार ने कमिश्नरी चौराहे पर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। कमिश्नर कार्यालय के गेट पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में होमगार्ड के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनी। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। बाद में मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने होमगार्ड से पूछताछ की।
होमगार्ड मुकेश कुमार का कहना है कि वह पुलिस लाइन में रिजर्व ड्यूटी पर रहता है। उसकी ड्यूटी कभी कहीं आैर कभी डायल 100 पर लगाई जाती है। मुकेश का कहना है कि पिछले पांच माह से उसे वेतन नहीं मिला। जिसके चलते उसका परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया है। उसने आरोप लगाया कि विभाग में कई बार गुहार लगाने के बावजूद भी उसे वेतन नहीं मिला। जिससे नाराज होकर आज वह जान देने पर आमादा हो गया। उधर एसपी सिटी रणविजय सिंह ने इस मामले में होमगार्ड कमांडेंट से जानकारी करने की बात कही है।