Meerut Deepak murder Case दीपक हत्याकांड पिछले एक सप्ताह से सुर्खियों में है। दीपक हत्याकांड में मेरठ पुलिस ने नट समाज के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के इस खुलासे से त्यागी समाज में रोष फैल गया और खजूरी गांव के ग्रामीण धरने पर बैठ गए। आज मेरठ आईजी प्रवीण कुमार ने दीपक हत्याकांड की जांच बागपत पुलिस को सौंप दी। जिसके बाद एसओजी गांव पहुंची और जांच में जुट गई।
Meerut Deepak murder Case जिले के थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक की हत्या के मुकदमे की विवेचना अब बागपत पुलिस करेगी। आईजी मेरठ प्रवीण कुमार ने दीपक हत्याकांड की विवेचना को बागपत ट्रांसफर कर दिया है। आज शुक्रवार को बागपत एसओजी की टीम खजूरी गांव पहुंची और उसने जांच शुरू कर दी। विवेचना बागपत पुलिस को ट्रांसफर किए जाने पर मृतक दीपक के परिजनों ने संतोष जताया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि जांच अब भी पुलिस ही कर रही है। चाहे वो बागपत की है या फिर मेरठ की।
बता दे कि दीपक की हत्या के खुलासे पर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। आरोप है कि परीक्षितगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी को बचाने के लिए हत्याकांड का खुलासा गलत तरीके से किया था। इसको लेकर पीड़ित परिवार में गुस्सा है और कई दिनों से परिवार दीपक के कटे सिर को लेकर गांव के बाहर धरना दे रहा था। पीड़ित परिवार में असली हत्यारों की गिरफ्तारी के अलावा पीड़ित परिवार को मुआवजा और पुलिस पर कार्रवाई के साथ ही मुकदमे की जांच एसपी बागपत नीरज जादौन से कराने की मांग की थी।
सभी मांगें आठ अक्तूबर तक पूरी न होने पर ग्रामीणों ने नौ अक्तूबर को महापंचायत का ऐलान कर दिया था। जिसके चलते आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने मेरठ पुलिस से विवेचना हटाकर एसपी बागपत को सौंप दी। आज शुक्रवार को बागपत एसओजी प्रभारी तपेश्वर सागर टीम को लेकर खजूरी गांव पहुंचे । पूरी घटना का क्राइमसीन कराया और पीड़ित परिवार से भी जानकारी हासिल की। पीड़ित परिवार ने जिन-जिन लोगों पर हत्या करने का शक जताया है। उन सभी से दोबारा से बागपत पुलिस अब पूछताछ शुरू करेगी।