IRCTC Railway Ticket Discount : भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने की यात्रियों को फ्लेक्सी फेयर स्कीम में राहत देने की तैयारी
मेरठ. अगले माह से रेलवे एक ऐसी सुविधा प्रदान करने जा रहा है, जिसमें अब रिजर्वेशन के दौरान यात्रियों की जेब नहीं कटेगी। इसका लाभ उल्टा रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को मिलेगा। बता दें कि भारतीय रेलवे समय-समय पर यात्रियों की सुविधाओं और सहूलियत के लिए हिसाब से अपने नियमों में बदलाव करता है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे अगले महीने से रेल यात्रियों फ्लेक्सी फेयर स्कीम में राहत देने की तैयारी कर रहा है। कुछ क्षेत्रों में प्रीमियम ट्रेनों के लिए यात्रियों को ज्यादा किराए का भुगतान करना पड़ता है जो कि हवाई यात्रा के बराबर पड़ जाता है। बता दें कि हाल ही में रेल मंत्रालय भीड़-भाड़ के दौरान किए गए इस प्रयोग में कुछ ट्रेनों की पहचान की है और उनमें फ्लेक्सी फेयर स्कीम को फिलहाल बंद कर सकता है।
ये ट्रेने आती हैं फ्लेक्सी फेयर के तहत
रेलवे द्वारा किए गए प्रयोग से निष्कर्ष निकल कर आया कि भीड़ के पीक आवर्स में भी 30 प्रतिशत से कम सीटें ही ट्रेन में भर पाई, जिससे इन ट्रेनों में रेलवे को जबरदस्त नुकसान हुआ। इस नुकसान की भरपाई के लिए रेलवे ने अब इसकी जगह पर हमसफर ट्रेनों में लगने वाला फार्मूला लागू करने का फैसला किया है। Flexi Fair के तहत आने वाली ट्रेनों में राजधानी, शताब्दी और दुरंतो हैं।
ये है फ्लेक्सी फेयर स्कीम
रेलवे की फ्लेक्सी फेयर स्कीम के तहत ट्रेनों में रिजर्वेशन के दौरान 50 प्रतिशत सीट वास्तविक मूल्य से 15 प्रतिशत से अधिक पर बेची जाती हैं। इसके बाद 10 फीसदी टिकटें बिकने पर किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है।
कैग की रिपोर्ट में आई चैकाने वाली जानकारी
IRCTC के अधिकारी एके जैन ने बताया कि कैग की रिपोर्ट में रेलवे की फ्लेक्सी फेयर स्कीम को लेकर हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि कैग ने भारतीय रेलवे को इसकी वजह से फटकार भी लगाई है। कैग ने कहा है कि फ्लेक्सी फेयर लागू होने के बाद इन ट्रेनों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। इसकी वजह से विभाग को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं अगर पहले के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 3-एसी से रेलवे पहले ही फायदा कमा रहा था। इसलिए फ्लेक्सी किराया लागू करने का कोई मतलब नहीं था। कैग द्वारा रेलवे की जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार Premium Train Flexi Fair Scheme लागू होने से सितंबर, 2016 से जुलाई, 2017 तक इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटी है। इसी कारण से अब रेलवे अपनी इस नई स्कीम को बंद करने की सोच रहा है, जिससे रेल में सफर करने वाले यात्रियों को लाभ होगा।