आरोपी नर्इम को लेकर उसके गांव पहुंची थी टीम, उसकी निशानदेही पर कर्इ जगह हुर्इ तलाशी
मेरठ। मेरठ के रार्धना गांव में फिर वही हुआ, जिसका डर था। एनआईए और पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौत का सामान सप्लाई करने वाले सौदागर अपने ठिकानों से गायब हो गए। बताते चलें कि आईएसआईएस माड्यूल को हथियार सप्लाई करने वाले रार्धना के आरोपी युवक नईम को दस दिन की रिमांड पर लेकर एनआईए की टीम रार्धना गांव शनिवार को पहुंची थी। टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
आरोपियों के घर पर टीम ने छापा मारा तो वहां पर महिलाओं और बच्चों के अलावा और कोई नहीं मिला। एनआर्इए की टीम ने रार्धना-किठौर मार्ग स्थित एक आम के बाग में भी गहनता से छानबीन की। बताया जा रहा है कि नईम ने जानकारी दी थी कि हथियार सप्लायरों व हथियारों की बड़ी डील इसी बाग में हुई थी। इस बाग में हथियार छिपाकर रखे जाते हैं। जिसकी खोज में एनआईए की टीम वहां पहुंची थी। हालांकि टीम को शनिवार देर रात तक कोई सफलता नही मिल पाई है। इसका कारण फिर से छापे की सूचना को लीक करना माना जा रहा है। बताते चलें कि एनआईए के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी सादी वर्दी में थाना किठौर पहुंचे थे। इसमे एसपी, एडिशनल एसपी व इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी शामिल रहे हैं।
इनके साथ बीडीएस यानी बम डिस्पोजल स्क्वायड की टीम व सीआपीएफ की एक प्लाटून भी शामिल रही। टीम अपने साथ आतंकी संगठनों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार थाना किठौर क्षेत्र के रार्धना निवासी नईम को लाई थी। टीम ने नईम के घर के पास रहने वाले उसके चाचा आरिफ और गांव के मतलूब के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पूरे गांव की घेराबंदी की गई थी। गांव के सभी मार्गों पर पुलिस की गाड़ियों को तैनात किया गया था। इसके बाद टीम नईम को लेकर रार्धना-किठौर मार्ग स्थित आम के बाग पहुंची और वहां बम डिस्पोजेबल स्क्वायड की मदद से पूरे बाग की सावधानी से तलाशी ली गई। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार के अनुसार एनआईए की टीम नईम को लेकर आई थी। रार्धना में कुछ जगहों पर तलाशी ली है।