Life insurance company change claim Policy बीमा कंपनियों ने अब कोरोना संक्रमण की मृत्यु पर क्लेम देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अगर किसी बीमित व्यक्ति की मृत्यु होती है और उसके परिजन बीमा कंपनी पर क्लेम के लिए दावा करते हैं तो उनको इतनी आसानी से बीमा कंपनी क्लेम नहीं देगी। बदले नियमों के अनुसार कंपनी क्लेम देगी।
Life insurance company change claim Policy जिन लोगों से कोरोना से मौत हो चुकी है और उनका जीवन बीमा है तो ऐसे पीडित परिवार को बीमा कंपनियां जल्द क्लेम नहीं देगी। इसके लिए अब बीमा कंपनियों ने अपने नियमों में बदलाव किया है। अब कोरोना संक्रमण से हुई मौत के बाद बीमा क्लेम के लिए पीडित परिवार या नोमिनी को करीब 4 महीने इंतजार करना होगा उसके बाद क्लेम के लिए बीमा कंपनी को कागज भेजने होंगे। बीमा कंपनियों ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
ये बदलाव सिर्फ कोरोना संक्रमण से हुई मौतों में क्लेम के आवेदकों के लिए ही है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण को लेकर बीमा कपंनियों ने और भी बड़े बदलाव किए हैं। बता दे कि जीवन और हेल्थ बीमा कंपनियां अब पालिसी पर क्लेम देने से पहले उसकी भलीभांति जांच कर रही हैं। पिछले तीन सालों में कोरोना के चलते लाखों लोगों को हेल्थ बीमा पालिसी के तहत काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
एक तरफ जहां हैल्थ बीमा कंपनियों ने उपचार का खर्च देने के लिए आनाकानी की वहीं दूसरी ओर अब कोरोना से हुई बीमा धारक की मौत पर पालिसी क्लेम देने को लेकर भी नियमों में बदलाव किया है। एलआईसी की एफओ शीला मिश्रा ने बताया कि यह नियम सिर्फ एलआईसी ने ही नहीं बदला है बल्कि अन्य बीमा कंपनियों ने भी बदला है। अब नए नियम के अनुसार ही बीमित व्यक्ति की मौत पर क्लेम किया जा सकेगा। इसके लिए कम से कम तीन से चार महीने का समय लगेगा। उसके बाद ही क्लेम की धनराशि के लिए आवदेन कर सकेगा।