मेरठ

चर्चित IPS अविनाश पांडेय का 5 महीने में तबादला; जाते-जाते SSP से जुड़ा एक और विवाद

IPS Avinash Pandey Latest News: उत्तर प्रदेश में 9 IPS अधिकारियों के तबादले में मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया। करीब 5 महीने के कार्यकाल में उन पर दलित प्रदर्शनकारियों से कथित मारपीट और किसान नेता के साथ पिटाई के आरोपों को लेकर विवाद सामने आए थे।
3 min read
Aug 21, 2026
ips avinash pandey meerut ssp transfer controversy
चर्चित IPS अविनाश पांडेय का 5 महीने में तबादला। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

IPS Avinash Pandey Latest News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार देर रात 9 IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया। तबादले की इस सूची में मेरठ के SSP अविनाश पांडेय समेत कई जिलों के पुलिस कप्तान शामिल हैं। 9 में से 8 अधिकारियों को दूसरे जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अविनाश पांडेय को किसी जिले की कमान देने के बजाय लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है।

अविनाश पांडेय को महज 5 महीने पहले मेरठ का SSP बनाया गया था। उनके छोटे कार्यकाल के दौरान पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े अभियानों के साथ कई विवाद भी सामने आए। अब उनके तबादले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

5 महीने में मेरठ से विदाई, लखनऊ मुख्यालय भेजे गए

IPS अविनाश पांडेय ने 4 फरवरी 2026 को मेरठ SSP का पद संभाला था। करीब 5 महीने तक उन्होंने जिले में पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अभियान चलाए। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर मेरठ पुलिस की तैयारियां भी चर्चा में रहीं। हालांकि, इसी अवधि में कुछ घटनाओं के वीडियो सामने आने के बाद SSP का नाम विवादों से भी जुड़ा।

ताजा तबादले में अविनाश पांडेय को लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है। वहीं, उनकी जगह झांसी के SSP और 2015 बैच के IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया कप्तान बनाया गया है।

दलित युवकों को थप्पड़ मारने का वीडियो हुआ था वायरल

अविनाश पांडेय के कार्यकाल का सबसे चर्चित विवाद जुलाई में सामने आया। मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में परिजन और दलित समुदाय से जुड़े युवा कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान SSP अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कुछ युवकों को थप्पड़ मारे। इस दौरान मौके पर मौजूद मीडिया के कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पुलिस वैन में प्रदर्शनकारी की पिटाई का भी आरोप

इस मामले में आरोप यह भी लगा कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी रवि गौतम के साथ पुलिस वैन के अंदर मारपीट की गई। आरोप के मुताबिक, SSP खुद पुलिस वाहन के अंदर गए और प्रदर्शनकारी की पिटाई की।घटना का वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया हुई। मामला दलित समुदाय से जुड़ा होने के कारण विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर सवाल उठाए। इस प्रकरण को लेकर मानवाधिकार कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की भी बात सामने आई।

मेरठ से विदाई से पहले किसान नेता ने लगाया पिटाई का आरोप

मेरठ से तबादले की खबर के बीच अविनाश पांडेय पर एक और गंभीर आरोप लगा है। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने SSP कार्यालय में उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। दिग्विजय भाटी के मुताबिक, वह मोहित जाटव के साथ बुधवार को गैंगस्टर से जुड़े एक मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे थे।

SSP कार्यालय में बुलाने के बाद मारपीट का आरोप

दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि SSP ने एक सिपाही के जरिए उन्हें अपने कार्यालय के अंदर बुलवाया। उनका दावा है कि कार्यालय के अंदर SSP ने खुद उनके साथ मारपीट की। इसके बाद सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ SSP कार्यालय पहुंचे और दोनों को पुलिस लाइन स्थित SOG कार्यालय ले जाया गया। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि वहां भी उनके और मोहित जाटव के साथ मारपीट की गई।

आंख से खून आने के बाद डॉक्टर बुलाने का दावा

दिग्विजय भाटी ने दावा किया कि मारपीट के दौरान उनकी आंख से खून निकलने लगा। इसके बाद पुलिस की ओर से आंख और दिमाग के डॉक्टरों को बुलाया गया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

अखिलेश यादव ने तस्वीर शेयर कर सरकार पर साधा निशाना

किसान नेता के साथ कथित मारपीट के मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घायल किसान नेता की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा की और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। इस घटना को अविनाश पांडेय के तबादले से जोड़कर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले के पीछे किसी विशेष घटना को कारण बताए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अविनाश पांडेय के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पर भी फोकस

अविनाश पांडेय के करीब 5 महीने के कार्यकाल में मेरठ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर कई अभियान चलाए। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया गया था। इसके बावजूद कार्यकाल के दौरान सामने आए विवादों ने भी उनकी तैनाती को लगातार चर्चा में बनाए रखा।

अब बीबीजीटीएस मूर्ति संभालेंगे मेरठ की कमान

शासन की ओर से किए गए तबादले के बाद अब बीबीजीटीएस मूर्ति मेरठ के नए SSP होंगे। 2015 बैच के IPS अधिकारी मूर्ति इससे पहले झांसी के SSP की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, अविनाश पांडेय को जिले की जिम्मेदारी से हटाकर लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है। महज पांच महीने में मेरठ से उनकी विदाई और कार्यकाल के दौरान सामने आए विवादों के कारण यह तबादला चर्चा में है।