रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन वे कुछ नहीं कर सके
मेरठ। जाको राखे साइया मार सके न कोई। यह कहावत शनिवार की शाम मेरठ के रेलवे स्टेशन में चरितार्थ हो गई। जब ट्रेन से उतरते समय एक बुजुर्ग का पैर फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच बने गैप में गिर कर फंस गए। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। हर कोई उसको बचाने के लिए मौके की ओर भागा, लेकिन वह इस तरह से ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसे थे कि उनको निकालना असंभव था।
ट्रेन के आने के बाद यह हुआ
इसी बीच एक चमत्कार हुआ और बुजुर्ग नीचे की ओर फिसलना शुरू हुए और ट्रेन पटरी के किनारे गिर गए। इसके बाद ट्रेन उनके ऊपर से धड़धड़ाती हुई निकल गई। मेरठ के मास्टर कालोनी निवासी एके शर्मा का बेटा जम्मू में गृह मंत्रालय में तैनात है। दिवाली की छुट्टी पर बेटा घर आया था। बेटे केा छोड़ने के लिए एके शर्मा रेलवे स्टेशन गए थे। प्लेटफार्म नंबर तीन पर जम्मू-तवी ट्रेन आई थी। इसी बीच बेटे को सीट में बैठाकर एके शर्मा नीचे उतर रहे थे। इसी बीच उनका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच बने गैप में फंस गए। इसी बीच ट्रेन भी चल दी। प्लेटफार्म में मौजूद लोग यह देखकर घबरा गए।
गैप से नीचे खिसकने लगे बुजुर्ग
उनके रोंगटे खड़े हो गए। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन वह कुछ कर नहीं सके। इसी दौरान वे गैप से नीचे खिसकने लगे। इतनी देर में ट्रेन ने भी स्पीड पकड़ ली थी। धड़धड़ाते हुए पूरी ट्रेन उनके ऊपर से निकल गई। लोगों ने उनको टैक से उठाया और पानी पिलाया। वह घबराए हुए थे। मौत उनको छूकर निकल गई थी और उन्होंने उसको मात दे दी। वह इसके बाद काफी देर तक प्लेटफार्म पर ही बैठे रहे और अपने घर पर फोन भी नहीं किया। लोगों ने उनके हिम्मत की भी तारीफ की। जिसने फंसे होने के बावजूद भी न तो किसी को मदद के लिए पुकारा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुजुर्ग एके शर्मा बस भगवान का ही नाम लेते रहे। इसके बाद वह अपने घर चले गए।