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सरकारी क्वार्टर में मिला हिस्ट्रीशीटर का सड़ा-गला शव, मोबाइल सीडीआर और बीटीएस लोकेशन खंगाल रही पुलिस

Hastinapur History Sheeter Body Found: हस्तिनापुर में लापता हिस्ट्रीशीटर शव मिलते ही परिजनों ने मवाना मार्ग जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

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मेरठ

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Aman Pandey

May 25, 2026

Crime News

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर मकबूलपुर निवासी संतराम (50) का सड़ा-गला शव सोमवार को राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र के निकट एक खाली पड़े सरकारी क्वार्टर में मिला। भीषण गर्मी के चलते शव इतनी बुरी हालत में था कि पहचान करना भी दुश्वार हो गया। परिजनों ने गले की माला, चप्पल और हिसाब-किताब की डायरी देखकर बमुश्किल पहचान की।

मामला जलालपुर मकबूलपुर (चेतावाला) गांव का है। यहां रहने वाला 50 वर्षीय संतराम 17 मई से लापता था। अगले दिन उसके बेटे रोहिन ने हस्तिनापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार सुबह ग्रामीणों को राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र के पास बने एक पुराने सरकारी क्वार्टर में शव पड़ा होने की सूचना मिली। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी पंकज लवानिया फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शव कई दिन पुराना होने और भीषण गर्मी की वजह से पूरी तरह सड़-गल चुका था। ऐसे में पहचान करना बेहद कठिन हो गया था। बाद में परिजनों ने गले में पड़ी माला, चप्पल और हिसाब-किताब की डायरी के आधार पर शव की पहचान संतराम के रूप में की।

शव मिलने की खबर के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए थाने के बाहर मवाना मार्ग पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि संतराम की हत्या कर शव को क्वार्टर में फेंका गया है। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर किसी तरह लोगों को शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।

पुलिस अब मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच का सहारा ले रही है। अधिकारियों के अनुसार संतराम के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बीटीएस लोकेशन खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिरी बार वह किन लोगों के संपर्क में था और उसकी लोकेशन कहां-कहां रही। घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डाटा भी जुटाया जा रहा है।

जांच के दौरान संतराम का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार वह हस्तिनापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ हत्या समेत 38 मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2011 में एक हत्या के मामले में उसे अदालत से सजा हुई थी और वह जेल गया था। करीब एक साल पहले वह पैरोल पर बाहर आया था।

हालांकि गांव के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वह मजदूरी कर परिवार चला रहा था। वह राजमिस्त्री के साथ बेलदारी का काम करता था। परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। घटना के बाद गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द खुलासा करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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