
Lok sabha election 2023 : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण का मुद्दा जाट समाज ने उठाया है। इसके लिए अखिल भारतीय जाट महासभा ने आज मेरठ में जाट सम्मेलन आयोजित किया। अखिल भारतीय जाट महासभा की ओर से आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में जाट समाज के दिग्गजों ने केंद्र में आरक्षण दिलाने की रणनीति तैयार की। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि भाजपा सरकार हर मामले में फेल हुई है। जाटो ने भाजपा का समर्थन किया था। जिससे कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं का समाधान हो। लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से किसानों की हालत और खराब हुई है। उन्होंने कहा कि जाट समाज को आरक्षण न दिए जाने पर आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति तय की जाएगी।
लोकसभा चुनाव में जाट समाज का वोटर अपनी ताकत दिखाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जाट समाज की मांगों की अनदेखी कर रही है। जिसका खामियाजा उसे आगामी लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ेगा। मेरठ में आयोजित जाट सम्मेलन में आज शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम पदाधिकारी जुटे। जाट सम्मेलन में पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित दूसरे राज्यों से जाट समाज के लोग पहुंचे।
जाट सम्मेलन केा रालोद ने दिया समर्थन
मेरठ में आयोजित जाट सम्मेलन को रालोद ने भी समर्थन दिया है। रालोद नेताओं के मुताबिक चौधरी अजित सिंह के प्रयासों से जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिया गया था। जाटो को केंद्र में मिले आरक्षण को भाजपा सरकार ने साजिश के तहत खत्म करा दिया। जाट प्रांतीय सम्मेलन में राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित जाखड़ ने कहा जाट समाज की नस्ल को सशक्त करने के लिए आरक्षण की महत्वपूर्ण मांग का समर्थन किया जा रहा है। राष्ट्रीय जाट महासंघ जाट आरक्षण की लड़ाई में अपनी अग्रणी भूमिका और सहभागिता देगा।
मेरठ में हुए जाट सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि जाट समुदाय आने वाले समय में बड़ा फैसला करेगा। जिसका असर देश की राजनीति पर पड़ेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाट समुदाय को बड़ा आधार माना जाता है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि आज जाट समुदाय मेरठ की क्रांति भूमि से राजनीति की दशा और दिशा तय करने जा रहा है।