मेरठ

ज्योतिरादित्य को वेस्ट यूपी का प्रभारी बनाए जाने से युवा कांग्रेसियों में जबरदस्त उत्साह, कह दी ये बड़ी बात, देखें वीडियो

लोक सभा चुनाव में नर्इ टीम से रोचक होगा मुकाबला  
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Updated: 24 Jan 2019, 2:22 PM IST
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ज्योतिरादित्य को वेस्ट यूपी का प्रभारी बनाए जाने से युवा कांग्रेसियों में जबरदस्त उत्साह, कह दी ये बड़ी बात

मेरठ। कांग्रेस ने अप्रत्याशित रूप से जिस तरीके से दो फैसले लिए उससे प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस फैसलेे से जहां युवा कांग्रेसियों में उत्साह की लहर हैं वहीं उन्हें इस बात की उम्मीद है कि जल्द ही नई जिम्मेदारियों से उन्हें नवाजा जाएगा। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा को राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया है, साथ ही उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं दूसरी ओर एक और फैसले के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिम उप्र का प्रभारी बनाया गया है।

युवा कांग्रेसियों में जबरदस्त उत्साह

ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिम उप्र का प्रभारी बनाए जाने से पश्चिम के युवा कांग्रेसियों में उत्साह की लहर है। जो युवा कांग्रेसी अपने आप को पार्टी में अलग-थलग मानकर चल रहे थे। ज्योतिरादित्य के पश्चिम उप्र प्रभारी बनाए जाने से उनमें जबरदस्त उत्साह आया है। बताते चलें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की सधी रणनीति के तहत ही राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जोरदार तरीके से जीत दर्ज की थी। मेरठ लोकसभा से उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार और युवा कांग्रेसी नेता अभिमन्यु त्यागी का कहना है कि प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंघिया के उप्र में आने से प्रदेश कांग्रेस में नई जान पड़ेगी। इन दोनों वरिष्ठ और युवा नेताओं के आने से 2019 का आम चुनाव और रोचक हो गया है। अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि हमारे दोनों ही युवा नेताओं को चुनाव का पुराना अनुभव है। जिनके अनुभव का लाभ उठाकर हम यूपी की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और विजय प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के कारण जो लोग कांग्रेस को चुनाव में कम आंकने की भूल कर रहे थे। उन्हें चुनाव में पता चल जाएंगा कि कांग्रेस क्या है।

बदलेंगे पश्चिम के समीकरण

ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस का पुराना और युवा चेहरा हैं। उन्हें चुनाव लड़ने और लड़ाने का खासा अनुभव रहा है। राजनीति उन्होंने विरासत में पाई है। कांग्रेस का ज्योतिरादित्य को पश्चिम की कमान देना एक नई सोची समझी रणनीति है। इन दिनों सभी दलों में युवा नेतृत्व का अभाव है। समाजवादी पार्टी में युवा नेतृत्व अखिलेश यादव हैं तो बसपा में युवा नेतृत्व का अकाल है। वहीं भाजपा के पास युवा नेतृत्व की भरमार तो हैं, लेकिन कोई ऐसा दमदार चेहरा नहीं है जो कि चुनावी भीड़ बांधने लायक हो। जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया में यह खूबी है।

Updated on:
24 Jan 2019, 2:22 PM IST
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