अपनी हरकतों के कारण पहले भी जेल जा चुका है यह शातिर
मेरठ। पूर्व में मेरठ की तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी सहित कई लोगों को फर्जी नाम से फोन कर चुका है और कई लोगों से काम करने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ चुके इस व्यक्ति से लोग सावधान हो जाएं। कर्इ मामलों में जेल जा चुके इस शातिर ने दुष्कर्म मामले में रिपोर्ट से नाम निकलवाने के नाम पर डेढ़ लाख रूपये ठग लिए हैं।
दुष्कर्म रिपोर्ट से नाम हटवाने का खेल
मेरठ के गंगानगर में पिछले दिनों स्टाइल स्टेशन सैलून पर फर्जी रेड डलवाने के आरोप में सुर्खियों में रहे अरुण नामक व्यक्ति का एक और कारनामा सामने आया है। इस व्यक्ति ने पुलिस के नाम पर 1.50 लाख की रकम ठग ली। करीब दो माह पूर्व एक नाबालिग से गैंग रेप के आरोपी का नाम मुकदमे से हटवाने के लिए आरोपी ने यह रकम पुलिस के नाम ऐंठ ली। गंगानगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल, आरोपी घर छोडकर फरार हो गया है। माछरा थाना किठौर निवासी अतुल त्यागी पुत्र राजकुमार त्यागी ने पुलिस को बताया कि उसका भाई सोनू त्यागी सात जुलाई को गैंगरेप के मामले में गंगानगर थाने से जेल चला गया था। अतुल का कहना है कि 16 अगस्त को अरुण नाम का एक युवक उससे मिलने जेल में गया और पुलिस में अच्छी जान-पहचान बताकर मुकदमे से नाम हटवाने का दावा कर दिया। इस बदले में अरूण ने डेढ़ लाख की रकम मांग ली। उसने अपना मोबाइल नंबर 9837028376 भी दे दिया। जिस पर अतुल ने फोन लगाकर बात की। अतुल का कहना है कि उसने अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से 17 जुलाई को अरूण मिश्रा को 1.50 लाख रूपये दे दिए। अरूण ने सोनू को 23 अगस्त को जेल से छूटने का झांसा दिया। आरोप है इसके बाद अरूण को कई बार फोन किया, लेकिन उसने बात करने से मना कर दिया। बावजूद इसके वह धमकाने लगा कि गुंडों से पिटवा दूंगा।
धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की
इंस्पेक्टर गंगानगर मिथुन दीक्षित ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध धोखाधड़ी संबंधी धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इंस्पेक्टर ने बताया कि इससे पहले भी वह पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी को प्रमुख सचिव का नाम लेकर धमकाने के मामले में सिविल लाइन थाने से जेल जा चुका है। गंगानगर पुलिस को न्यायाधीश बनकर धमकाना व इंचौली में अश्लील हरकत करने का मुकदमा भी अरुण के नाम पंजीकृत है। कुछ दिनों पूर्व गंगानगर में एक सैलून पर रेड डालने का फर्जी मामला भी अरुण ने किया था।