गठबंधन के बाद सपा आैर बसपा कार्यकर्ताआें में काफी जोश
मेरठ। लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सीटों पर सपा आैर बसपा के गठबंधन से नया इतिहास रचने का दावा दोनों पार्टियों के हार्इकमान ने किया है। सपा-बसपा गठबंधन में दोनों यूपी की 80 लोक सभा सीटों पर 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, बाकी चार सीटों पर अन्य सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे। वेस्ट यूपी को लेकर सबकी निगाह लगी हुर्इ हैं। दरअसल, वेस्ट यूपी में सपा, बसपा, भाजपा आैर कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार खड़े करने में जिस तरह हार्इकमान को जूझना पड़ता है, उससे वेस्ट यूपी की प्रत्येक पर सबकी निगाह लगी हैं। सूत्रों की मानें तो वेस्ट यूपी की मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट बसपा के खाते में होने जा रही है, क्योंकि यहां सपा का नेतृत्व बसपा के मुकाबले कमजोर है। बसपा का पिछले नगर निगम के मेयर चुनाव में भी भाजपा को करारी हार देने के बाद बसपा के उम्मीदवार खड़े होने का रास्ता साफ हो गया।
मेरठ से हाजी याकूब कुरैशी का नाम पक्का
पार्टी हार्इकमान ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट पर हार्इकमान ने पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी के नाम पर मुहर लगार्इ है। पार्टी सूत्रों की मानें तो याकूब को उम्मीदवार बनाने का मकसद मुस्लिम व दलित वोटों को एक मंच पर लाना है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि इस पर कोर्इ भी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन चर्चा यह है कि मेरठ से याकूब का नाम दस दिन पहले ही फाइनल हो गया था।
बड़ी वजह बने निगम चुनाव
नगर निगम चुनाव में बसपा की मेयर पद की उम्मीदवार सुनीता वर्मा थी आैर भाजपा की आेर से कांता कर्दम को टिकट दिया गया था। इस चुनाव में मुस्लिम-दलित का एेसा गठजोड़ सामने आया था, वैसा कभी भी मेरठ के चुनावी इतिहास में नहीं दिखा था। भाजपा के दिगगज नेताआें ने कांता कर्दम को जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। इसके बावजूद बसपा की सुनीता वर्मा ने शानदार तरीके से जीत दर्ज की थी। मुस्लिम-दलित वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए ही मेरठ- हापुड़ लोक सभा सीट को बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी पक्की जीत मानकर चल रही हैं।