
Meerut SSP Avinash Pandey: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने गुरुवार देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय की रही। करीब पांच महीने पहले मेरठ की कमान संभालने वाले अविनाश पांडेय को अब लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया है। बाकी आठ अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। इसी वजह से अविनाश पांडेय का तबादला सामान्य प्रशासनिक फेरबदल से अलग नजर आ रहा है और उनके कार्यकाल के दौरान जुड़े विवाद फिर चर्चा में हैं।
अविनाश पांडेय ने 4 फरवरी 2026 को मेरठ के एसएसपी का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात को लेकर पुलिस की कई गतिविधियां सामने आईं। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी पुलिस की तैयारियां चर्चा में रहीं। लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी हुईं, जिनके वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी खुद विवादों के केंद्र में आ गए।
जुलाई में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में मेरठ कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद कुछ युवकों को थप्पड़ मारे। इसके बाद हिरासत में लिए गए एक प्रदर्शनकारी रवि गौतम के साथ पुलिस वाहन में मारपीट किए जाने का भी आरोप लगा। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। मामले को लेकर मानवाधिकार कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा।
मेरठ से तबादले की खबर आने के बीच ही अविनाश पांडेय से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि उन्हें एक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय बुलाया गया था। दिग्विजय भाटी के मुताबिक, कार्यालय के अंदर एसएसपी ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां भी पिटाई किए जाने का आरोप है। उनका दावा है कि मारपीट में मोहित जाटव की आंख से खून आने के बाद पुलिस ने डॉक्टरों को बुलाया। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
किसान नेता से कथित मारपीट के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घायल किसान नेता की तस्वीर साझा करते हुए प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के बाद अविनाश पांडेय का तबादला भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले को इन विवादों से जोड़कर कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं रखा गया है।
अविनाश पांडेय की जगह 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है। वह इससे पहले झांसी के एसएसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अविनाश पांडेय को लखनऊ मुख्यालय भेजे जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मेरठ में उनके करीब पांच महीने के कार्यकाल के दौरान सामने आए विवादों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और तबादले के बीच सीधा संबंध होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।