मेरठ

मसूद अजहर से तय थी मुलाकात! जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी जफर के प्लान का खुलासा; PAK जाने की थी तैयारी

Mohammed Jafar Jaish e Mohammed: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी यूपी में आतंकी नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। ATS जफर के संपर्कों, पाकिस्तान जाने की कथित तैयारी और मसूद अजहर से मुलाकात के दावे की जांच कर रही है।
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Aug 18, 2026
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जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी जफर के प्लान का खुलासा! फोटो सोर्स- X (@Ashuprasadjourn)

Mohammed Jafar Jaish e Mohammed: जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की जांच और तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोगी बताए जा रहे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया और संभावित हमलों की साजिश को नाकाम किया।

गृह मंत्री के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अभियान चलाया। उन्होंने इसे आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया। इन कार्रवाइयों के दौरान बड़ी मात्रा में सामान भी बरामद किए जाने की बात सामने आई है।

वेस्ट यूपी में 16 संदिग्धों की गिरफ्तारी

मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों का फोकस बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले करीब 7 महीनों में ATS और सिविल पुलिस की कार्रवाई में वेस्ट यूपी से 16 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन गिरफ्तारियों का संबंध हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से बताया गया है। जांच में इन सभी मामलों के तार मेरठ से जुड़ने की बात सामने आई है। उमर, आजाद राजपूत और तुषार चौहान समेत कई युवाओं के कथित तौर पर इस नेटवर्क के संपर्क में आने की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है।

तुषार चौहान ने बदला था नाम

जांच में तुषार चौहान का नाम भी सामने आया है। बताया गया है कि उसने अपना नाम बदलकर मुस्लिम नाम रख लिया था और कथित नेटवर्क के संपर्क में काम कर रहा था। ATS को आशंका है कि मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जाना बाकी है। एजेंसी अब जफर के संपर्क में रहे युवकों और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

बुलंदशहर के मदरसे से भी जुड़ा कनेक्शन

जांच के दौरान मोहम्मद जफर का कनेक्शन बुलंदशहर के एक मदरसे से भी सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि वहां जफर के परिचित मौजूद हैं और ATS उनकी भूमिका की जांच कर रही है। जफर के कुछ रिश्तेदारों के भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने की आशंका जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियां उनके बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं। बताया जाता है कि बुलंदशहर के मदरसे में रहने वाले एक परिचित ने वर्ष 2017 में जफर को पढ़ाई के लिए मेरठ बुलाया था।

मस्जिद से हिरासत में लिया गया था जफर

ATS ने मोहम्मद जफर को हापुड़ के शेरपुर स्थित एक मस्जिद से पकड़ा था। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन इस दौरान उसके दस्तावेज जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिए थे।

बताया गया है कि जफर के दस्तावेज उर्दू भाषा में थे। दस्तावेजों को उर्दू जानने वाले व्यक्ति से पढ़वाने के बाद जांच एजेंसी को उसके बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद हुई जांच में जफर के जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और संगठन के लिए चंदा एकत्र करने की बात सामने आई। इसके बाद ATS ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।

बिहार से बनवाया पासपोर्ट, पाकिस्तान जाने की थी तैयारी

पूछताछ में जफर के बिहार से पासपोर्ट बनवाने की जानकारी सामने आई है। जांच के मुताबिक, वह पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। यह भी दावा किया जा रहा है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर से मुलाकात की तैयारी कर रखी थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि जफर के इरादे गंभीर थे और वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकता था। हालांकि, उसके खिलाफ सामने आए इन आरोपों की जांच अभी जारी है।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

मोहम्मद जफर से पूछताछ के आधार पर ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि जैश-ए-मोहम्मद से उसके अलावा और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। एजेंसी उसके संपर्कों, रिश्तेदारों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जफर को लखनऊ से जेल भेजे जाने के बाद उसके पासपोर्ट को निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसने इस पासपोर्ट के जरिए अभी तक किसी विदेशी देश की यात्रा नहीं की है। मामले में सुरक्षा एजेंसियों की जांच आगे जारी है।

Updated on:
18 Aug 2026 11:59 am
Published on:
18 Aug 2026 11:59 am