
मेरठ. राष्ट्रोदय के लिए भूमि पूजन में भाग लेने आए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने स्वयंसेवकों को समागम पूर्वाभ्यास बौद्धिक में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में और प्रदेश में भ्रम फैला रहे हैं कि गोरक्षा के नाम पर एक विशेष संप्रदाय खासकर मुस्लिमों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्षा एक आंदोलन है, जो हिन्दुओं की भावनाओं के साथ जुड़ा है। यह आंदोलन किसी धर्म विशेष या मुस्लिम सांप्रदाय के खिलाफ नहीं है। यह आंदोलन गाय की सुरक्षा के लिए चलाया गया है। यह आंदोलन देश की अस्मिता और सांस्कृति से जुड़ा हुआ है। अगर किसी को आपत्ति है तो उसके लिए बहस का मंच खुला हुआ है। इसे बिना किसी कारण के राजनैतिक बहस और सांप्रदायिक मुद्दा न बनाया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां इसको सांप्रदायिक मुद्दा बनाने पर तुली हुई है। मैं पूछता हूं इस पार्टी के जो लोग गांव से जुड़े हैं। क्या उनके घर में गाय की पूजा नहीं होती। गाय का दूघ-घी नहीं खाया जाता। इस मुद्दे को सांप्रदायिक मुद्दा बनाकर समाज में कुछ लोग जहर घोलने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरएसएस कार्यकर्ताओं से आह्यन किया कि वे समाज में ऐसी आवाज उठाए और समाज को ऐसे लोगों के खिलाफ जागरूक करें। अपने बौद्विक में उन्होंने आगे कहा कि हमें समाज और देश की शक्ति बनकर काम करना होगा। तभी देश में तरक्की होगी।
उन्होंने मंच से मुस्लिम समाज को संदेश दिया कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। हिन्दू न तो अत्याचारी रहा है और न अत्याचार करता है। हिन्दू अन्याय भी नहीं करता और न होने देता है। इसलिए मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है। गोरक्षा आंदोलन उनके खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि हिन्दू हमेशा से दूसरे सांप्रदाय की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है। आज भी है। आरएसएस भी देश और समाज की रक्षा के लिए है। गोरक्षा का पालन करना देश में रहने वाले हर नागरिक का कर्तव्य है। गोरक्षा का धर्म सबको मिलकर निभाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि आज भी कई मुस्लिम भाई कई सौ गाय का पालन करते हैं। तो क्या हिन्दू और आरएसएस उनके खिलाफ हो गया। नहीं ऐसा नहीं है।