मेरठ की नवविवाहिता का अपहरण कर बुलंदशहर में मतांतरण का प्रयास किया जा रहा था। विवाहिता के परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को जानकारी भी दी। लेकिन मेरठ पुलिस की सुस्ती देख परिजन खुद ही बुलंदशहर पहुंच गए और वहां से नवविवाहिता को मस्जिद के भीतर से बरामद कर लिया। परिवार के लोगों की मदद से पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों को पकड़ लिया। लेकिन उनको मेरठ में लाकर छोड़ दिया। विवाहिता के परिजनों ने थाना पुलिस पर आरोप लगाए हैं।
मेरठ के थाना परतापुर क्षेत्र से एक नवविवाहिता का अपहरण का बुलंदशहर ले जाया गया। जहां पर उसका मस्जिद में मतांतरण कराया जा रहा था। विवाहिता के परिजन लोगों की मदद से मस्जिद पहुंचे और मतांतरण को रूकवा दिया। इसी बीच पुलिस भी पहुंची और आरोपी के साथ ही उसके परिजनों को पकड़कर मेरठ परतापुर थाने ले आई। परिजनों ने नवविवाहिता को बरामद कर लिया और उसे भी मेरठ ले आए। मामला दो संप्रदाय का होने के बावजूद पुलिस ने आरोपी तो को थाने से छोड़ दिया। इसकी जानकारी जब परिजनों को लगी तो उन्होंने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
आज परिजन इस मामले में एसएसपी से मिले। एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर एक लाख वसूलने का आरोप लगाया। परतापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली नवविवाहिता 15 जून को घर से बाहर सामान लेने गई थी। आरोप है कि बुलंदशहर के रहने वाले नुरू और आसिफ उसे कार में अपहरण कर ले गए। परिवार के लोगों ने परतापुर थाने में आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। परिवार की मदद से पुलिस ने बुलंदशहर की एक मस्जिद से आरोपी और नवविवाहिता को बरामद कर लिया।
परिवार का आरोप है कि आरोपी बुलंदशहर की जिस मस्जिद से नवविवाहिता को बरामद किया गया उसमें उसका मतांतरण कराया जा रहा था। नवविवाहिता को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया। पुलिस पर वसूली का आरोप लगाते हुए नवविवाहिता के परिजनों ने थाने पर हंगामा किया। वहीं इस मामले में एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पूरे मामले में विस्तार से जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। वहीं परिजन इस माले में एसएसपी से मिले हैं। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने जांच कर कार्रवाई का अश्वासन दिया है।