
मेरठ। आतंकी संगठन आईएसआईएस के माॅड्यूल्स की तलाश में एक बार फिर से मेरठ में एनआईए की टीम ने डेरा डाल दिया। हालांकि इस बार इस छापेमारी को गुप्त रखा गया था और संबंधित थाने को भी नहीं बताया गया था कि कहां जाना है। जिसका नतीजा हुआ कि आईएसआईएस से जुड़ा एक माॅड्यूल एनआईए के हत्थे चढ़ गया। एनआईए उसे अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई है।
आतंकियों का यह गुर्गा हरकतउलहर्ब-ए-इस्लाम संगठन से जुड़ा हुआ है। एनआईए की टीम ने मेरठ के थाना मुंडाली के अतंर्गत गांव जसौरा में स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर छापेमारी की। जिसमें यहां के रहने वाले मोहम्मद अफसर टीम के हत्थे चढ़ गया। उसकी गिरफ्तारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया, लेकिन तब तक स्थानीय थाने की पुलिस को आलाधिकारियों को सूचित कर दिया गया।
मौके पर पहुंची स्थानीय थाना पुलिस ने भीड़ को मौके से हटाया और आरोपी को टीम के साथ बाहर निकाला। पकड़ा गया अफसर जिला हापुड़ के एक मदरसे में मौलवी है। एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार अफसर पर आतंकी साजिश को अंजाम देने का आरोप है। आरोपित को आज दिल्ली स्थित एनआर्इए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। एनआइए के सूत्रों के अनुसार अफसर पुत्र सरफराज को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। वह हापुड़ जिले के जामिया हुसैनिया अबुल हसन, पिपलहेड़ा मदरसे में मौलवी है। अफसर ने मई से अगस्त 2018 के बीच तीन बार जम्मू-कश्मीर गया था। उसके साथ आतंकी साजिश रचने का एक और आरोपित इफ्तेकार साकिब भी जम्मू-कश्मीर गया था। एनआईए की टीम ने शनिवार की सुबह ही जिले में डेरा डाल दिया था। एनआईए अधिकारी जिसोरा गांव के आसपास फैल गए थे और गांव की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसके बाद टीम के सदस्यों ने अबसर के आवास तक पहुंचकर यह सुनिश्चित किया कि वह घर पर ही है। इसके बाद पूरी पुष्टि के साथ एक साथ मेरठ और हापुड में तीन स्थानों पर छापेमारी की। जसोरा में छापा मारने के बाद टीम अजराड़ा भी गई। अजराड़ा में एक मदरसे से एनआईए की टीम ने पकड़े गए अफसर का एक बैग बरामद किया। इस बैग में मोबाइल भी है।