मेरठ के रार्धना गांव में स्लीपिंग माॅड्यूल्स की तलाश में घरों में चला तलाशी अभियान
मेरठ। मेरठ के रार्धना गांव में एनआईए की छापेमारी के दौरान घरों की तलाशी ली गई। सूत्रों के अनुसार रार्धना गांव में नईम के घर छापेमारी में एनआईए के अधिकारियों को कुछ संदिग्ध वस्तु मिली, जिसे वे अपने साथ ले गए। एनआईए के अधिकारियों ने दिल्ली में पत्रकार वर्ता में खुलासा किया कि कई स्थानों से विस्फोटक सामग्री बनाने के कैमिकल्स मिले हैं।
मेरठ के रार्धना में नईम के घर से भी कुछ आपत्तिजनक कैमिकल पदार्थ बरामद हुआ है। कैमिकल घर में ही संदूक और डबलबैड के भीतर छिपाकर रखा गया था। इस छापेमारी में एनआईए ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में टाइम व मोबाइल बम बनाने का सामान, आतंकियों द्वारा बनाया गया राॅकेट लांचर और सात लाख की नकदी सहित बम बनाने वाले मौलाना को दबोचा है। हालांकि इसमें से क्या आैर कहां से बरामद हुआ, यह नहीं बताया गया है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रार्धना में जब एनआईए के अधिकारी नईम के घर से निकले तो उनके हाथ पाॅलीथिन में कुछ भरा हुआ था, जिसे वह अपने साथ ले गए। इतनी बड़ी घटना के तार मेरठ से जुड़ते ही अब मेरठ के अधिकारियों के कान भी खड़े हो गए हैं।
बताते चलें कि पहले भी कई आतंकी घटनाओं के तारों की कड़ी वेस्ट यूपी से जुड़ती रही है। अधिकारियों के अनुसार आने वाली 1 जनवरी और 26 जनवरी को देश की राजधानी को विस्फोट से दहलाने की बड़ी साजिश रची जा रही थी। स्लीपिंग माडयूल्स के पकड़े जाने के बाद से इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है। बताते चलें कि मेरठ पहले से ही आतंकियों का साॅफ्ट टारगेट रहा है। मेरठ का रार्धना गांव भी आवांछित गतिविधियों का केंद्र रहा है।