मेरठ

विपक्षी पार्टी के नेताआें ने कहा- 2019 में जनता एेसे करेगी भाजपा से हिसाब-किताब, कब तक धोखा देगी योगी सरकार

चुनाव से पहले ही भाजपार्इ करने लगते हैं एेसे काम
2 min read
• •
Updated: 3 Nov 2018, 7:12 PM IST
meerut
विपक्षी पार्टी के नेताआें ने कहा- 2019 में जनता एेसे करेगी भाजपा से हिसाब-किताब, कब तक धोखा देगी योगी सरकार

मेरठ। अयोध्या में राम की मूर्ति की स्थापना को लेकर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लखनऊ का पूरा प्रशासनिक अमला पिछले दो दिन से अयोध्या की दौड़ लगा रहा है। ऐसे में विपक्ष की नजरें भी भाजपा सरकार की इस गतिविधि पर केंद्रित हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर भाजपा और उसकी सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया है। हालांकि विपक्ष के किसी बड़े नेता की सरकार की इस गतिविधि पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दलों की नजर बराबर सरकार के इस कदम पर है। मेरठ में जब विपक्ष के लोगों से बात की गई तो उन्होंने भाजपा को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

राम भाजपा की बैसाखीः कांग्रेस

कांग्रेस के आरटीआई सेल के प्रदेश के उपाध्यक्ष डा. संजीव अग्रवाल ने बताया कि भगवान राम को भाजपा ने अपनी बैसाखी बनाया हुआ है। भगवान राम के बिना भाजपा राजनीति नहीं कर सकती। भाजपा सरकार का दोगला चरित्र इसी से उजागर होता है कि अभी मामला कोर्ट में है और ऐसे में भाजपा ने अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति स्थापित करने की घोषणा कर रही है। यह देश की 110 करोड़ जनता के साथ धोखा है। भाजपा को देश में रह रहे सभी समाज और सम्प्रदाय के बारे में सोचना चाहिए। वह सिर्फ अपना भला सोच रही है।

राम के नाम पर वोटों की राजनीतिः सपा

समाजवादी पार्टी से पूर्व विधायक और मंत्री रहे शाहिद मंजूर ने कहा कि राम के नाम पर वोटों की राजनीति कर रही है। जब भी आम चुनाव होते हैं, भाजपा राम मंदिर का मुद्दा किसी न किसी रूप में लोगों के सामने लाकर खड़ा कर देती है। इस समय तो भाजपा केंद्र और प्रदेश दोनों जगहों पर है। ऐसे में सिर्फ मूर्ति स्थापित करने की बात क्यों कर रहे हैं मुख्यमंत्री। उनको तो घोषणा करनी चाहिए मंदिर निर्माण की। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का चुनावी स्टंट हैं इससे अधिक कुछ नहीं।

भाजपा के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचाः बसपा

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सीपी राय ने भाजपा सरकार के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सवाल यह है कि सरकार के फेल होने के बाद भाजपा जनता के बीच वोट मांगने जाए तो कैसे। ऐसे में एकमात्र विकल्प भाजपा के पास अयोध्या का ही बचता है। वैसे भी भाजपा ने देश को और प्रदेश की जनता को अयोध्या के नाम पर बहुत मूर्ख बनाया है। अब भाजपा फिर से ऐसी चाल चलकर लोगों का ध्यान हटाने का काम कर रही है, लेकिन भाजपा सरकार की नाकामियों का जनता जान चुकी है और बड़ी बेसब्री से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए 2019 का इंतजार कर ही है।

Published on: