
मेरठ। जनता कर्फ्यू के दौरान लॉक डाउन की घोषणा के बाद धार्मिक स्थल पर एकत्र हुए लोगों की भीड़ को पुलिस ने रोका तो यहां लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने इन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ये मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद लोगों की वीडियोग्राफी करानी शुरू की तो ये लोग चुपचाप घर लौट गए।
जनता कर्फ्यू होने के दौरान शाम पांच बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जहां गली-मोहल्लों में तालियां और तालियां ढोल नगाड़े बजाए गए थे। इसी दौरान मेरठ में लॉक डाउन की घोषणा हो गई थी। पूरे दिन शहर में सन्नाटा पसरा होने के बाद शाम को माहौल में कुछ बदलाव आया। शाम को छह बजे मस्जिदों में नमाज पढऩे के लिए लोग अपने घरों से निकलने लगे। मस्जिदों में और धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ की जानकारी लगने पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी अलर्ट हो गए। शहर के सोतीगंज, रजबन बाजार, लिसाड़ी गेट, नौचंदी ग्राउंड समेत कई इलाकों की मस्जिदों में लोगों की भीड़ पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर ये लोग नहीं माने तो पुलिस ने इनको चेतावनी दी कि यदि वे नहीं रुके तो पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ेगी।
इसके बाद पुलिस ने माइक लेकर लोगों से अपील की गई 25 मार्च तक कोई व्यक्ति अपने घर से न निकले मेरठ में लॉक डाउन लागू कर दिया गया है। इसको लेकर लोग पुलिस का सहयोग करें इसके बावजूद भी कई लोग नहीं रुके। बाद में पुलिस ने सोतीगंज, रजबन बाजार, लिसाड़ी गेट समेत कई जगह पर वीडियोग्राफी कराई, इसके बाद लोग घर वापस लौट गए। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मेरठ में 25 मार्च तक शासन स्तर से जारी किए गए लॉक डाउन को अमल में लाया जाएगा। किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों की भीड़ नहीं होने दी जाएगी। धर्म गुरु और जिम्मेदार लोगों से अपील की जा रही है कि लोग अपने घरों से न निकलें।