
मेरठ। रविवार को जनता कर्फ्यू का आह्वान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया है। जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले ही शहर के विभिन्न इलाकों में दोपहर से अपने-अपने घरों में कैद हो गए। हालात ये थे कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। आरटीओ कार्यालय को जाने वाली रोड पर आम तौर पर भारी भीड़भाड़ हुआ करती है। इस सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ था। वहीं घरों के आगे खड़ी गाडियों की कतारें बता रही थी कि रविवार शाम 9 बजे तक के लिए सभी अपने घरों में कैद हो चुके हैं।
बता दें कि जनता कर्फ्यू के दिन रविवार को महानगर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बाधित रहेगा। इस दिन ओला-उबर के साथ ही मिनी बसें और ऑटो रिक्शाओं का संचालन नहीं होगा। शनिवार को सुबह यूनियनों ने बैठक हुई। जिसमें ये फैसला लिया गया। फैसले में बताया गया कि रविवार को जिले में चलने वाली सभी प्राइवेट बसें और ऑटो रिक्शा के अलावा ई-रिक्शा भी बदं रहेंगे। जनता कर्फ्यू के समर्थन में आनलाइन होम डिलीवरी भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।
एसएसपी ने इस संबंध में सभी थानेदारों को निर्देश जारी किए हैं। कोरोना का संदिग्ध होम आईसोलेशन के बजाय अगर घर के बाहर घूमता हुआ मिला तो परिवार के मुखिया के खिलाफ 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर कोई बिना किसी कारण के घर के बाहर घूमता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर कोई कोरोना वायरस पीडि़त के बारे में पता चलता है तो इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दी जाएगी। थाना पुलिस संदिग्ध मरीज पर पूरी निगरानी रखेगी। वहीं अगर संदिग्ध में कोरोना पाजिटिव पाया जाता है और वह होम आइसोलेटेड के बजाय घर के बाहर मिला तो परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सभी लोग मिलकर सहयोग करें, जिससे कोरोना जैसी बीमारी से खुद को बचाया जा सके।