खास बातें पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गैंग पकड़ा प्रत्येक फर्जी मार्कशीट के लेते थे 20 हजार रुपये पुलिस फर्जी मार्कशीट लेने वालों को भी तलाश रही
मेरठ। मेरठ पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो व्यक्ति को इंजीनियर डाक्टर या फिर जो वो चाहे बना देता था। इस गिरोह के पकडे़ जाने के बाद अधिकारियों भी आंखे खुली की खुली रह गई हैं। यह गिरोह अब तक इन फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट के दम पर कइयों की शादियां करवा चुका है और कई लोगों की नौकरी लगवा चुका है। इसके अलावा कई लोग इन मार्कशीटों के जरिए और भी कई डिग्रियां ले चुके हैं।
पकडे़ गए लोग गाजियाबाद के डबल स्टोरी मोदीनगर निवासी दीपक शर्मा और मनीष हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में प्रिंटेड और ब्लैंक फर्जी मार्कशीद बरामद की है। बरामद हुई मार्क शीट यूपी बोर्ड से लेकर देश के अन्य प्रदेशों के बोर्ड तक की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अब तक हजारों मार्कशीट और डिग्रियों को बेचे जाने की बात कही हैं। ये लोग मार्कशीट और डिग्री के लिए 20 से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे।
पूछताछ में पता चला है कि लोग अपने को उच्च शिक्षित दिखाकर अच्छे घरों में रिश्ता करने के लिए भी आरोपियों से नकदी मार्कशीट खरीदते थे। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि आरोपियों से मार्कशीट खरीदने वाले लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। जिससे उनको भी पकड़ा जा सके।