
मेरठ। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए शासन से लेकर जिला प्रशासन तक लोगों को घरों में रहने और बाहर निकलने पर मास्क पहनने के लिए जागरूक कर रहा है। इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं। लोग बिना मास्क के बाजार पहुंच रहे हैं। अब पुलिस ने ऐसे लोगों को सबक सिखाने की ठान ली है। अब प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस और अधिकारी अपने साथ मास्क लेकर खड़े हो रहे हैं। सुबह लॉकडाउन खुलने के बाद अगर कोई व्यक्ति बिना मास्क के वाहन दौड़ाता दिखाई देता है तो उसको पुलिस अधिकारी मास्क पहना रहे हैं।
वहीं हिदायत भी देते हैं कि वे बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकले और अपने घरों में ही रहें। जब से लॉक डाउन हुआ है। मेरठ पुलिस के विभिन्न रूप देखने को मिल रहे हैं। बता दें कि गरीबों की मदद में भी पुलिस सबसे पहले आगे आयी। जिसका जिक्र देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी मन की बात में भी कर चुके हैं। गुरुवार को बेगमपुल चौराहे पर पुलिस को एक और रूप देखने को मिला। यह रूप था लोगों की सेहत की परवाह करने का। लोग अपनी सेहत और अपने परिवार की चिंता से बेखबर बिना मास्क लगाए जब वाहनों से फर्राटा भरते पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को दिखाई दिए तो ऐसे लोगों को रोककर पुलिसकर्मियों ने मास्क बांटे और आग्रह किया कि कम से कम अपना नहीं तो अपने परिवार का तो ख्याल रखें। घर से जब भी बाहर निकलें तो मास्क लगाकर।
पुलिसकर्मियों से उलझ रहे
गुरुवार की सुबह बेगमपुल पर कार में सवार खुद को सेना का अफसर बताने वाला शख्स बिना मास्क लगाए पहुंचा तो सिपाही ने उसे रोक लिया और लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर समझाने पर वह सिपाही से भिडऩे लगा। यह व्यक्ति बिना किसी जरूरी काम के अपनी मां के साथ कार में जा रहा था। इस पर अन्य पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन और मास्क लगाने के बारे में कहा और बाहर घूमने की वजह पूछने पर काफी देर बहसबाजी होने के बाद वह सॉरी कहकर निकल गया।