मेरठ

महिला के अपहरण के बाद बच्चों की नहीं सुनी योगी की पुलिस ने, अब अफसरों के यहां चक्कर काट रहे मासूम

चार दिन पहले कार सवार युवकों ने किया था महिला का अपहरण  

2 min read
Dec 02, 2018
महिला के अपहरण के बाद बच्चों की नहीं सुनी पुलिस ने, अफसरों के यहां भी चक्कर काट रहे मासूम

मेरठ। वह अपने परिवार का पेट मजदूरी करके भरती थी। पति की मौत हो चुकी थी। तीन बच्चे है। बड़ा बेटा करीब 13 साल का है। बाकी दो काफी छोटे हैं। बीती 29 नवंबर की रात से लापता मां को तीनों बच्चे दर-दर तलाश रहे हैं, लेकिन उनकी मां का कहीं पता नहीं चल रहा। अपनी मां की तलाश में बच्चे एसएसपी कार्यालय भी पहुंचे और यहां भी बच्चों ने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई कि उनकी मां को उन्हें वापस दिलवाने में पुलिस अंकल मदद करें। कार्यालय में काफी देर तक बच्चे अपनी मां की बरामदगी के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे जाते रहे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। बच्चे सपा के एक नेता के माध्यम से एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर घर चले गए। बच्चों का कहना था कि वे भूखे पेट सोते हैं और उनकी कोई मदद नहीं कर रहा। उनका पेट भरने वाली मां का कहीं पता नहीं है।

एसएसपी के यहां चक्कर काट रहे

लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में हुए एक महिला के अपहरण के मामले सामने में पीड़िता का पुत्र अपने मासूम भाई-बहनों को लेकर तीन दिन से एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मासूम बच्चों ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस इस मामले में कोई कार्रवार्इ नहीं कर रही है। सपा नेता गुलशेर राणा के साथ चमन काॅलोनी निवासी अनस अपने मासूम भाई-बहन को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा। उसने बताया कि उसके पिता फईमुद्दीन की मौत के बाद उसकी मां रेशमा जैसे-तैसे मजदूरी करके परिवार का गुजारा चला रही थी। मां तीनों भाई बहनों का पेट भरती थी। आरोप है कि 29 नवंबर की रात कार सवार चार युवक उसकी मां रेशमा का घर से अपरहण करके कार में डालकर ले गए। इस मामले में उसने एक आरोपी का नाम बताते हुए समर गार्डन चौकी मेें शिकायत की, लेकिन पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही। वहीं, मासूम बच्चों ने भी अपनी मां को बरामद करने की मांग की। एसएसपी ने मामले में थाना पुलिस को कार्रवार्इ के आदेश दिए हैं।

Published on:
02 Dec 2018 12:05 pm
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