
मेरठ। लॉकडाउन (Lockdown) के बीच भले ही हमें बाहर के तापमान का अंदाजा न हो लेकिन दिन—ब—दिन पारा बढ़ रहा है। मार्च (March) में बारिश ने जमकर अपना रंग दिखाया और सुबह—शाम की गुलाबी ठंडक बनी रही लेकिन माह खत्म होते—होते ठंडक ने विदा ले ली। अप्रैल (April) शुरू होते ही गर्मी ने भी अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, मार्च में बारिश ने पिछले 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है।
जनवरी में भी तोड़ा था रिकॉर्ड
वर्ष 2020 के शुरू से ही बारिश मेरठ (Meerut) समेत वेस्ट यूपी (West Uttar Pradesh) को भिगो रही है। मेरठ में जनवरी (January) में हुई बारिश ने अपने तेवर दिखा दिए थे। जनवरी में हुई बारिश ने करीब 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसके बाद फरवरी (Fabruary) में मौसम सामान्य रहा और बारिश की कुछ बूंदों के अलावा सब सूखा रहा। मार्च में फिर मौसम बदला और शुरू में ही बादल छाने लगे। होली से पहले और बाद में बादल जमकर बरसे। इस बीच जमकर ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। मार्च के आधे माह तक ही बारिश रिकॉर्ड तोड़ चुकी थी। इसके बाद भी बारिश ने सांस नहीं ली और रुक—रुककर जारी रही। मार्च माह के आखिरी कुछ दिन भी बारिश ने जकमकर भिगोए।
अप्रैल में न के बराबर होगी बारिश
डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि मार्च में बारिश ने 15 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। मेरठ में इस माह 42 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार मार्च में हुई बारिश से किसानों को बहुत लाभ मिला है। हालांकि, बारिश के दौरान कहीं—कहीं ओले भी गिरे हैं, जिससे फसल को नुकसान हुआ। लेकिन कुल मिलाकर ये बारिश किसानों के लिए लाभप्रद रही। वहीं आम की फसल के लिए भी यह संजीवनी साबित हुई है। अप्रैल में बारिश न के बराबर होगी और तापमान करीब 40 डिग्री तक पहुंचेगा।
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मौसम का पूर्वानुमान
भारतीस मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल के बाद तामपान बढ़ना शुरू होगा। अब मौसम साफ रहेगा। हालांकि, 7 अप्रैल यानी मंंगलवार को बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके बाद मौसम फिर साफ हो जाएगा। इस बीच 9 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री तक पहुंचेगा।