जिला प्रशासन ने शनिवार को चलाया था मीट प्लांट की चेकिंग का अभियान, तब से गायब चल रहे ये परिवार
मेरठ। बुलंदशहर बवाल के बाद यहां मीट प्लांटों में काम कर रहे 17 रोहिंग्या मुस्लिम परिवार गायब हो गए हैं। इन 17 परिवारों में लगभग 45 सदस्य हैं। दरअसल, बुलंदशहर में बवाल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को जिम्मेवारी सौंपी थी कि अपने-अपने जनपद में गोतस्करी आैर गोकशी रोकी जाए। इसके लेकर मेरठ जिला प्रशासन ने मेरठ-हापुड़ रोड़ पर मीट प्लांटों की चेकिंग की थी। इन प्लांटों में एक प्लांट म्यंमार के मीट कारोबारी का भी था, जो यहां अनाधिकृत रूप से चल रहा था। बुलंदशहर में बवाल के बाद जिला प्रशासन ने शनिवार को अभियान चलाकर जब यहां शिकंजा कसना शुरू किया तो ये परिवार यहां से गायब हो गए। ये परिवार यहां से कहां गए हैं, इस बारे में किसी को कोर्इ जानकारी नहीं है। छानबीन के बाद इनके गायब होने की सूचना मिलने पर यहां हड़ंकप मच गया है।
बुलंदशहर बवाल से पहले हुर्इ थी चेकिंग
बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में गोकशी के बाद हुए बवाल होने से पहले विदेश मंत्रालय आैर एलआर्इयू की टीमों ने यहां हापुड़ रोड पर मीट प्लांटों के आसपास किराए पर रह रहे मकानों में चेकिंग की थी आैर इनके फिंगर प्रिंट भी लिए थे। साथ ही मकान मालिकों को इन पर कड़ी नजर रखने की हिदायत आैर सूचना देने की बात कही थी। बुलंदहश में बवाल के बाद जब जिला प्रशासन की टीम ने यहां के मीट प्लांटों पर छापे मारे तो इन 17 रोहिंग्या मुस्लिम परिवारों के सदस्य यहां से गायब मिले। ये यहां से कहां चले गए, आसपास के लोग भी इनके बारे में नहीं बता पा रहे। एसपी देहात का कहना है कि इस मामले को खुफिया विभाग देख रहा था, अगर परिवार गायब हुए हैं तो इसकी जांच करवार्इ जाएगी।