Russia Ukraine War रुस यूक्रेन युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ने वाला है। इसका असर हर तरफ दिखाई देगा। दिल्ली का करोल बाग हो या फिर मेरठ का मोबाइल बाजार दोनों ही जगह युद्ध की दहशत व्यापारियों में दिखाई दे रही है। मेरठ के एक बड़े मोबाइल व्यापारी का कहना है कि अब कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी।
Russia Ukraine War रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरु हो चुका है। युद्ध के लंबा खिचने के आसार दिखाई दे रहे हैं अगर ऐसा ही हालत रहे तो इसका असर काफी भयावह होगा। युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। रूस और यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न हालातों से स्मार्टफोन, लैपटॉप के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी। युद्ध से विश्वभर में चिपसेट की कमी हो जाएगी। मेरठ में काफी बड़े स्तर पर मोबाइल और इलेक्ट्रानिक का बाजार है।
मेरठ के गढ़ रोड पर सूर्या पैलेस स्थित में काफी संख्या में मोबाइल और एसेसीरिज की दुकाने हैं। मोबाइल के थोक विक्रेता अनुराग बंसल का कहना है कि अमेरिका को यूक्रेन 90 फीसदी सेमीकंडक्टर ग्रेड सप्लाई करता है। रुस से भी अमेरिका को 40 प्रतिशत पैलेडियम प्रतिवर्ष सप्लाई होता है। चिपसेट बनाने में इन दोनों प्रोडक्ट का रोल होता है। इन्हीं दोनों आइटम को मिलाकर चिपसेट बनाया जाता है। रुस और यूक्रेन से इन दोनों प्रोडक्ट की सप्लाई बाधित होने पर मेमोरी कार्ड और सेंसर बनाने के काम में रूकावट आएगी। इसी के साथ यूक्रेन और रुस से आने वाले मेटल की सप्लाई बंद होने से चिपसेट बनाने का काम रूकेगा। इन कारणों से सेमीकंडक्टर के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि इससे गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ऐसे में पूरे विश्वभर में चिप की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इस समय प्रत्येक इलेक्ट्रानिक आइटम चिप पर ही निर्भर होता है। इससे उनकी कीमतों में भी फर्क आएगा। खासकर मोबाइल और लैपटाप के अलावा अन्य इलैक्ट्रानिक आइटम पर। इलेक्ट्रानिक इंजीनियर संजय पांडे का कहना है कि बिना सेमीकंडक्टर के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कल्पना बेकार है। सेमीकंडक्टर का प्रयोग क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,रोबोटिक्स,वायरलेस नेटवर्किंग, 5 जी, ड्रोन आदि में किया जाता है।