मेरठ के एक रिहायशी इलाके में तीस साल पुरानी लाल कोठी है। आसपास के रहने वालों की माने तो रहस्यमयी कोठी से रात में डरावनी आवाजें आती हैं और लाइट जल जाती है। रात दस बजे के बाद कालोनी के लोग भी लाल कोठी के पास से नहीं गुजरते।
भूत-प्रेत, मॉन्सटर-वैंपायर का क्या वजूद है, या तो नहीं है। इस पर हमेशा बहस होती रही है। ये वैज्ञानिकों के लिए शोध का भी विषय रहे हैं। लेकिन हम यहां मेरठ के एक पॉश इलाके में स्थित लाल कोठी का जिक्र कर रहे हैं। जो देखने में रहस्यमयी लगती है।
वैसे तो मेरठ जिले में ऐसी अनगिनत जगहें हैं जो अपने आप में रहस्यमयी बताई जाती हैं। इन्हीं में से एक मेरठ की लाल कोठी भी है। जो कि एक पॉश रिहायशी इलाके में स्थित है। आसपास के लोगों का कहना है कि लाल कोठी के पास जाने में ही लोगों को अजीब तरह का अहसास होता है।
दिन में भी जाने की नहीं होती हिम्मत
मेरठ की इस लाल कोठी को लेकर कॉलोनी में कई तरह की चर्चाएं होती हैं। दिन में तो आसपास के लोगों को कोई परेशानी नहीं होती,लेकिन जैसे ही रात होती है इससे दूरी बनानी शुरु कर देते हैं। कॉलोनी के लोगों की माने तो उनकी हिम्मत रात में इस लाल कोठी के पर जाने की नहीं होती है। इस लाल कोठी के इमारत की अपनी अलग डराने वाली पहचान बताई जाती है।
यह भी पढ़ें : आशिक ने प्रेमिका के घर चलवाई गोलियां, Video
रात में आती हैं अजीब आवाजें
आसपास के लोगों का कहना है कि तीस साल पुरानी इस लाल कोठी से रात को अजीब आवाजें आती हैं। कभी—कभी रात में लाल कोठी के अंदर लाइटें भी अपने आप जल उठती हैं। आसपास के लोगों की माने तो इस कोठी का बिजली कनेक्शन कई सालों से कटा हुआ है। लेकिन इसके बाद भी रात में लाइट जल उठती है। लाल कोठी अब जर्जर और वीरान होती जा रही है। इस लाल कोठी में रात तो रात दिन में भी कोई अंदर नहीं जाता है। आसपास रहनेवाले लोगों का कहना है कि रात में 10 बजे के बाद लोग इसके आसपास भी नहीं घूमते हैं। हालांकि कुछ लोग इसे सिर्फ अफवाह बताते हैं।
कोई एक सप्ताह तो कोई छह महीने से ही टिका
आसपास के लोगों का कहना है कि इस लाल कोठी में अब तक जो भी रहने के लिए आए। उनमें कोई छह माह तो कोई एक सप्ताह से अधिक नहीं रह पाया है। पिछले करीब 5 साल से लाल कोठी में कोई रहने नहीं आया है। जिसके नतीजे में यह लाल कोठी और भी जर्जर होती जा रही है।