कुछ ट्रेनें 15 दिन बाद चलने से मिली यात्रियों को राहत
मेरठ। मेरठ रेलवे स्टेशन करीब 15 दिन से सूना पड़ा हुआ था। स्टेशन पर यात्रियों की चहल-पहल नदारत थी। कारण था इस रूट की सभी ट्रेनों को दूसरे मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था। डायवर्ट करने का कारण मंसूरपुर-खतौली के पास रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण होना था। ट्रैक के दोहरीकरण के चलते मेरठ से सहानपुर रूट तक सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था। कुछ ट्रेनों के रूट में परिवर्तन कर उनको शामली होते हुए सहारनपुर के लिए निकाला जा रहा था।
ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन होने और कुछ ट्रेनों के रद्द होने के कारण मेरठ से जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं स्टेशन पर भी रौनक गायब हो गई थी। इसका असर स्टेशन पर समान बेचने वाले वैंडर्स भी पड़ा था। कल शनिवार से रेल यातायात फिर से सुचारू कर दिया गया। लेकिन जिन ट्रेनों को निरस्त किया गया हैं अभी उनको नहीं चलाया गया है। निरस्त की गई ट्रेनें अब 18 मार्च के बाद ही चलेगी। जो ट्रेनें अब मेरठ से होकर गुजरेंगी उनमें ओखा एक्सप्रेस, इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस, नई दिल्ली-जलांघर एक्सप्रेस, इंदौर-देहरादून एक्सप्रेस हैं। टै्रक के दोहरीकरण के चलते इस ट्रेनों को वाया शामली होते हुए निकाला जा रहा था। जिन ट्रेनों को 18 मार्च तक के लिए निरस्त किया गया हैं उनमें अंबाला कैंट-मेरठ सिटी, हजरत निजामुद्दीन-दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर, सहारनपुर-दिल्ली पैसेजर हैं। आज रविवार को स्टेशन में काफी चहल पहल देखी गई।
यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करते देखा गया। वहीं स्टेशन पर आए लोगों का कहना है कि ट्रेनों के निरस्त और रूट डायवर्ट होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बसों में एक तो किराया अधिक और दूसरा सड़क पर जाम के कारण आने-जाने में भी समय अधिक लग रहा था। ट्रेन संचालन बंद होने से इसका सर्वाधिक असर प्रतिदिन यात्रा करने वालों पर पड़ रहा था। डेली यात्रियों को भी बस से यात्रा करने में परेशानी हो रही थी।