Highlights विरोध में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध छात्रों ने कहा- पुष्पेंद्र का एनकांउटर नहीं उसकी हत्या की गई झांसी एनकांउटर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग
मेरठ। झांसी में पुलिस की पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर (Jhansi Encounter) की गूंज चारों आेर फैल गर्इ है। मेरठ में इस एनकाउंटर के विरोध में सपा (SP) और छात्रों (Students) के गुट आगे आ गए हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर (CCS University) में छात्रों और सपा ने संयुक्त रूप से कैंडल मार्च (Candle March) निकाला।
विवि परिसर में छात्रों और सपाइयों ने संयुक्त रूप से कैंडल मार्च निकालकर झांसी में हुए एनकांउटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कैंडल मार्च पूरे विश्वविद्यालय परिसर में निकाला गया। इस दौरान छात्र भाजपा सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। छात्रों के बीच पहुंचे सपा नेता अतुल प्रधान (SP Leader Atul Pradhan) ने कहा कि भाजपा सरकार (BJP Government) में लोगों की सुरक्षा के बजाए हत्याएं हो रही है। पुलिस निरंकुश हो चुकी है। भाजपा की पुलिस लोगों को घर से उठाकर गोली मार रही है।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार में जनता से लेकर हर कोई परेशान है। जबरन लोगों को इनामी बदमाश बनाया जा रहा है। सरकार अपराध रोकने के दावे कर रही है, लेकिन सबसे अधिक अपराध भाजपा शासन काल में बढ़ा है। महिलाएं सुरक्षित नहीं है। आए दिन महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। दुष्कर्म और हत्याओं की दर तेजी से बढ़ी है। अतुल प्रधान ने कहा कि झांसी में पुष्पेंद्र यादव का पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर किया है। उसको पुलिस ने घर से उठाकर गोली मारी है। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पुष्पेंद्र के परिजनों को सरकार उचित मुआवजा दे और उसके परिजनों को सरकारी नौकरी दे। आरोप लगाया कि पुष्पेंद्र की हत्या करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को सजा मिलनी चाहिए।