खास बातें एसएसपी से मिलकर आजम ने बताई सारी बात बाइक चोरी की तहरीर पर एसएसपी का आश्वासन 2012 में मेरठ के शाहपीर गेट क्षेत्र का मामला
मेरठ। मेरठ को वाहनों का कमेला ऐसे ही नहीं कहा जाता। यहां पर खड़े-खड़े वाहनों की चोरी हो जाती है। वाहन चोरी के बाद जो मुसीबत वाहन चालक को झेलनी पड़ती है वह तो है ही। इससे अधिक मुसीबत तक झेलनी पड़ती है। जब उसकी चोरी की बाइक का चालान उनके पते पर पहुंच जाए। बेचारा परेशान नहीं होगा तो और क्या होगा। प्रदेश और जिले में यातायात के नियमों के उल्लंघन के नए आर्थिक दंड लागू किए गए हैं। लोग चूंकि नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड की राशि बहुत अधिक है, सो लोग एक सितंबर से यातायात के नियमों का पालन भी कर रहे हैं।
मेरठ में भी लोगों के भीतर इसको लेकर सजगता शुरू हो गई है, लेकिन युवक आजम के लिए यह ई-चालान आफत लेकर आ गया। युवक की बाइक 2012 में चोरी हो गई थी। जिसकी शिकायत उसने थाने में की थी। उसके घर उसकी चोरी की बाइक का ई-चालान पहुंच गया। अपनी चोरी की बाइक का ई-चालान देखते ही उसके पैरों तले जमीन निकल गई। वह सीधा एसएसपी कार्यालय पहुंचा और वहां पहुंचकर अपनी व्यथा एसएसपी से व्यक्त की। एसएसपी ने उसको कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। शाहपीर गेट निवासी आजम ने बताया कि फरवरी 2012 में वह बाजार सामान लेने गया था। इस दौरान उसकी बाइक चोरी हो गई थी।
इसके बाद उसने इसकी रिपोर्ट संबंधित थाने में लिखवाई थी। उसकी चोरी की बाइक आज भी मेरठ महानगर में दौड़ रही है। आजम ने बताया कि उसकी चोरी हुई बाइक का ई-चालान उसके घर के पते पर डाक द्वारा पहुंचा। इसकी शिकायत उससे एसएसपी अजय साहनी ने की है। जिस पर एसएसपी ने उनको कार्रवाई का आश्वासन दिया है।