
मेरठ। मेरठ पुलिस किसी को भी किसी केस में फंसा सकती है। अापका विरोधी चंद रुपये खर्च कर किसी भी खाकीधारी से कहकर कोई भी केस लगवा सकता है। व्यक्ति घर में बैठा हो और उसके ऊपर पुलिस चोरी का केस लाद दे। ये हम नहीं कह रहे खुद खाकी अपनी करनी को अपनी ही जुबान से उगल रही है। मामले का राज फाश होते ही दारोगा जी को एसएसपी के कोप का भाजन बनना पड़ा। कप्तान ने दारोगा जी को लाइन हाजिर कर दिया।
कतार्इ पुलिस चौकी का है मामला
मामला परतापुर थाने के कताई मिल पुलिस चौकी से जुड़ा हुआ है। कताई मिल पुलिस चौकी इंचार्ज विक्रम सिंह ने मेरठ निवासी एक युवक को फोन किया। जिसमें दारोगा विक्रम सिंह आबिद नामक युवक को फोन कर कह रहा है कि तुम्हारे कागज पर साइन हो गए हैं। कब आकर मिलोगे। इस पर आबिद दारोगा को धन्यवाद देता है और जल्द ही मिलने की बात करता है। इसी दौरान दारोगा एक अन्य युवका सोनी को गोकशी के मामले में जेल भेजने की बात करता है। आबिद और सोनी की दुश्मनी चल रही है। जिस पर आबिद दारोगा की बात सुनकर बहुत खुश होता है। दारोगा आबिद से कहता है कि एक गोकशी का मामला सामने आया था। उसी में उसने सोनी को भी नामजद कर उसको भी मुकदमे में डाल दिया और उसको गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया गया।
दरोगा मिलने के लिए कहता रहा
आबिद दारोगा की बात सुनकर उसका शुक्रिया अदा करता है। दारोगा बार-बार उससे आकर मिलने की बात करता है। जिस पर आबिद नामक युवक दारोगा से जल्द ही मिलने की बात कहते हुए फोन काट देता है। दारोगा और आबिद नामक युवक का यह आडियो वायरल होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। दारोगा जी सफाई देते घूम रहे थे। कप्तान के पास तक बात पहुंची तो दारोगा जी को लाइन हाजिर कर दिया गया।