मेरठ

UP Board Exam 2020: बोर्ड परीक्षा में नकल नहीं कर पाएंगे परीक्षार्थी, उठाए जा रहे ये कड़े कदम, Video

Highlights बोर्ड परीक्षा को लेकर डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को दिए निर्देश कहा- यूपी बोर्ड परीक्षा हर हाल में हो नकलविहीन करवाई जाएगी केंद्र व्यवस्थापकों के मोबाइल पर होंगे परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे  
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Feb 12, 2020
meerut

मेरठ। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 (UP Board Exam 2020) के दौरान मॉनिटरिंग के लिए जिले के प्रधानाचार्यों और केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक बचत भवन में आयोजित की गई। बैठक को डीआईओएस (DIOS) गिरजेश चौधरी ने संबोधित किया। डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र में सभी छात्रों की तलाशी ठीक तरीके से ली जाए। छात्रों से बुरा बर्ताव नहीं किया जाए। उनसे अच्छे से व्यवहार किया जाए। छात्रों से प्यार से बात की जाए। तलाशी के दौरान छात्रों को कुछ अपमानजनक नहीं लगना चाहिए।

डीआईओएस ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक के मोबाइल से सीसीटीवी कैमरे जोडऩे होंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्शन की सुविधा और अन्य संसाधन भी सुनिश्चित करने होंगे। ऐसा नहीं करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी। मंगलवार को यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। डीआईओएस ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा करवाने के लिए इस बार सीसीटीवी कैमरों और डीवीआर के आईपी एड्रेस से वेबकास्टिंग के जरिए कंट्रोल रूम लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है, इसलिए इससे जुड़ी सभी संसाधन दुरुस्त कर लिए जाएं। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों को रखने में कोई चूक न हो, इसके लिए जहां भी पेपर रखे जाएं, वहां सुरक्षा पुख्ता हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा केंद्र में आने वाले शिक्षक भी स्मार्ट फोन नहीं लाएंगे। प्रवेश के दौरा परीक्षार्थियों के जूते-मोजे खोलकर जांच की जाएगी। परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे खोलने को नहीं कहा जाएगा।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के आसपास फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहेंगी। यदि स्कूल में फोटोकापी मशीन रखी है तो उसे परीक्षा के दौरान बंद रखा जाएगा। परीक्षा के दौरान स्कूल प्रबंधन का भी व्यक्ति केंद्र के 100 मीटर के दायरे में नहीं जाएगा। बैठक में कई प्रधानाचार्यों ने शिक्षकों की ओर से सीसीएल मांगे जाने का मुद्दा उठाया। इस पर डीआईओएस ने साफ कहा है कि परीक्षा के दौरान शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) नहीं दी जाएगी। यह सिर्फ उन्हीं को स्वीकृत की जाएगी, जिनके बच्चे बोर्ड परीक्षा देंगे। डीआईओएस ने कहा है कि बोर्ड परीक्षा में जिन शिक्षकों के पास पिछले साल के ड्यूटी आईकार्ड हैं, वह मान्य होंगे।

Published on:
12 Feb 2020 12:35 pm