Highlights मेरठ और आसपास हवा का एक्यूआई पहुंचा 165 पर मौसम विभाग ने आगे और प्रदूषण का जताया अंदेशा हवा की गुणवत्ता के लिहाज से येलो कैटेगिरी में शामिल
मेरठ। मेरठ और आसपास के जनपदों की हवा की सेहत खराब हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों (Weather Scientists) की मानें तो यह अभी दीपावली (Depawali) तक वायु प्रदूषण (Air Pollution) की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। इसके लिए एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए है। वहीं चिकित्सकों (Doctors) ने दमा और सांस के मरीजों को ऐसे मौसम (Change Weather) में विशेष ध्यान रखने को कहा है। मेरठ और आसपास की हवा की गुणवत्ता खराब होने के स्तर पर पहुंच चुकी है।
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार मेरठ में हवा की क्वालिटी का इंडेक्स165 एक्यूआई तक पहुंच चुका है। हवा में प्रदूषण का स्तर 2:5 पीएम यह न्यूनतम 188 और अधिकतम 392 तक होना चाहिए। मेरठ की हवा में पीएम 10 तक पहुंच चुका है। हवा की गुणवत्ता दिनों-दिन खराब हो रही है। बता दें कि सीपीसीबी ने मेरठ को हवा की गुणवत्ता के लिहाज से येलो कैटेगिरी में रखा है, यानी मध्यम से निचला स्तर। प्रदूषण विभाग के अनुसार यह हवा लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। यह फेफड़े, दाम और दिल के रोगियों के लिए बहुत घातक होती है। पीएम का स्तर ही चार से पांच गुना होने से लोगों में बीमारी फैलने लगी है।
मौसम विभाग और पर्यावरण विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में वायु में हवा का स्तर और अधिक खराब होने की उम्मीद जताई जा रही है। डा. कंचन सिंह के अनुसार इन दिनों मौसम में विशेष रूप से अप्रत्याशित परिवर्तन हो रहे हैं। यह परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग के कारण हो रहे हैं। पहले अक्टूबर में जोरदार ठंड पड़ती थी। आज अक्टूबर महीने में लोगों के घरों में एसी चल रहा है। यह परिवर्तन मानव के लिए काफी खतरनाक है। ऐसे मौसम में आद्र्रता अधिक होने से बीमारियां बढ़ती हैं। बता दें कि सरकारी अस्पतालों में इन दिनो मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।