एमडीए करने जा रही थी मीट प्लांट को सील करने की कार्रवार्इ
मेरठ। बुलंदशहर में बवाल के बाद मीट प्लांटों पर सख्ती की वजह से बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के मीट प्लांट अल फहीम मीटेक्स प्रा. लि. पर सील लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद मीट पूर्व मंत्री ने फैक्ट्री खुद बंद कर लेने का दावा करते हुए सील नहीं लगाने की मांग की थी। इससे अलग यह मामला शासन की रिवीजन कोर्ट में भी था। रिवीजन कोर्ट ने मीट प्लांट पर सील के आदेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में आदेश कमिश्नर आैर एमडीए को मिले हैं। इस आदेश के बाद फिलहाल एमडीए की सील कार्रवार्इ पर रोक लग गर्इ है।
यह है पूरा मामला
बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी का हापुड़ रोड़ पर अल फहीम मीटेक्स प्रा. लि. नाम से मीट प्लांट है। एमडीए ने इसके परिसर में सार्वजनिक भूमि आैर सड़क पटरी की जमीन शामिल होने का दावा किया था। इसके अलावा ने एमडीए ने मीट प्लांट में कुछ जमीन आवासीय व अन्य भू उपयोग की बतार्इ थी। शिकायत की जांच के बाद एमडीए ने मीट प्लांट के ध्वस्तीकरण का निर्देश दिया था। पूर्व मंत्री की आेर से दिए गए शमन मानचित्र भी एमडीए ने स्वीकृत नहीं किया था। कमिश्नर ने भू उपयोग परिवर्तन से पहले ग्रीन वर्ज में हुए निर्माण को ध्वस्त करने आैर सरकारी भूमि के बराबर जमीन खरीदकर एमडीए को उपलब्ध कराने की शर्त रखी थी। आरोप यह है कि इस शर्त का पालन नहीं किया गया आैर शासन की रिवीजन कोर्ट में अपील कर दी।
इन्होंने एेसा कहा
एमडीए वीसी साहब सिंह का कहना है कि अल फहीम मीटेक्स की कार्रवार्इ पर शासन स्तर से अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गर्इ है। याकूब कुरैशी के पुत्र व मीट प्लांट के एमडी हाजी इमरान का कहना है कि हम अब कानून की सीमा में है आैर रिवीजन कोर्ट ने एमडीए की सील कार्रवार्इ से पूर्व रोक लगा दी है।