मेरठ

अब एक क्लिक पर मिलेगी प्रॉपर्टी की जानकारी, यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

खास बातें एक महीने बाद शहर की प्रापर्टी का जीआर्इएस सर्वे होगा शुरू नए सिरे से मिलेंगे हर मकान को नंबर, सर्वे में होगी आसानी नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए हो रही ये कवायद
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Jun 21, 2019
meerut
अब एक क्लिक पर मिलेगी प्रॉपर्टी की जानकारी, यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

मेरठ। नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए शासन ने जीआर्इएस सर्वे कराने का फैसला लिया है। इस सर्वे में पुरानी आैर नर्इ प्राॅपर्टी के सर्वे के साथ-साथ यहां की सड़कों, वाटर लाइनों, वाटर कनेक्शन, स्ट्रीट लाइटों का सर्वे भी होगा आैर यहां की प्रत्येक स्थिति नक्शे में दर्ज हो जाएगी। शासन की पहल पर पुरानी व नर्इ प्राॅपर्टी का ज्योग्राफिकल इन्फोर्मेशन सिस्टम (जीआर्इएस) सर्वे एक महीने बाद शुरू होने जा रहा है। सर्वे होने के बाद नगर निगम के पास प्रत्येक प्राॅपर्टी का रिकार्ड आॅनलाइन होगा आैर नए सिरे से टैक्स लगाया जा सकेगा।

इस कंपनी को सौंपा गया सर्वे

शहर में जीआर्इएस सर्वे का काम आर्इटीआर्इ लिमटेड को सौंपा गया है। इसमें एक अन्य एजेंसी की भी भागीदारी रहेगी। इस काम के लिए एजेंसी से पांच साल का करार किया गया है। इसमें उसे दो साल में सर्वे पूरा करना होगा आैर तीन साल रिपोर्टिंग व मेंटीनेंस को लेकर करार है।

आॅनलाइन होगी प्राॅपर्टी की स्थिति

यह सारी कवायद प्राॅपर्टी की आॅनालाइन स्थिति की सही जानकारी को लेकर चल रही है। नगर निगम का मानना है कि प्लॉट में मकान बन चुके हैं। कुछ लोगों ने मकान में अतिरिक्त निर्माण कर लिया है। किस पर टैक्स लगा है या नहीं। फिलहाल नगर निगम के पास जानकारी नहीं है। सर्वे के बाद नगर निगम के पास पुरानी व नर्इ प्राॅपर्टी का आॅनलाइन रिकार्ड होगा। इसमें मौजूदा स्थिति के हिसाब टैक्स निर्धारित किया जाएगा। इससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी। नगर निगम के अंतर्गत दो लाख, 78 हजार 380 प्राॅपर्टी हैं। साथ ही 43 हजार 81 कमर्शियल प्राॅपर्टी हैं। करीब दस फीसदी प्राॅपर्टी टैक्स की सीमा से बाहर है।

अफसरों से मांगी जा रही जानकारी

शहर में सर्वे करने जा रही एजेंसी के कोआॅर्डिनेटर आशीष कुमार ने नगर निगम मेरठ के अफसरों व कर्मचारियाें के साथ बैठक की आैर मौजूदा स्थिति संबंधी जानकारी मांगी है। सर्वे में पहले तीन जोन के एक-एक वार्ड का सर्वे होगा आैर इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य करने पर सहमति बनी है। बैठक के बाद आशीष कुमार ने बताया कि करीब एक माह बाद एजेंसी प्रॉपर्टी सर्वे शुरू करेगी। एजेंसी इस कार्य के लिए 137 कर्मचारियों को लगाएगी। यह करार पांच साल का है।

अब हर मकान को मिलेगा नया नंबर

जीआर्इएस सर्वे के बाद हर मकान को नए सिरे से नया नंबर मिलेगा। एजेंसी के कर्मचारी सर्वे के दौरान हर मकान पर नंबर प्लेट लगाएंगे, क्योंकि सीरियलवाइज नंबर नहीं होने से जीआर्इएस मैपिंग में दिक्कतें आएंगी। इस क्रम के बाद शहर में प्रत्येक मकान का नंबर निर्धारित किया जाएगा। नगर निगम के वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का कहना है कि शहर की विभिन्न प्रकार की प्राॅपर्टी का जीआर्इएस सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा। भविष्य में छूटी प्राॅपर्टी टैक्स के दायरे में आएगी। इस पर काम जल्द किया जाएगा।

कैंट की प्राॅपर्टी की ये है स्थिति

मेरठ कैंट की सिविल क्षेत्र में 275 लीज प्रापर्टी है। इनमें से 52 की लीज खत्म हो चुकी है। 86 लीज प्राॅपर्टी के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया हुआ है। इनमें से दस फीसदी प्राॅपर्टी में चेंज आफ पर्पज की स्थिति है। कैंट बोर्ड के अफसरों का कहना है कि नवीनीकरण कराने के लिए लाखों रुपये लोगों को देने होंगे, इसलिए लोग इससे बच रहे हैं। अगर लोग लीज नवीनीकरण नहीं कराते हैं तो इसकी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेज दी जाएगी।

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Published on:
21 Jun 2019 03:36 pm