अंकुर चौधरी की हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची
मेरठ। इसी 20 जनवरी को मंढा, 21 जनवरी को पहले सगार्इ आैर उसी दिन शादी। उसने अपनी पत्नी के लिए शादी पर 34 हजार रुपये की अंगूठी भी खरीद ली थी। 15 जनवरी से एक महीने की छुट्टी पर भी जा रहा था। 11 जनवरी की सुबह तीन बजे मेरठ के फलावदा क्षेत्र की पुलिस चौकी से 700 मीटर की दूरी पर र्इख के खेत में उसका शव मिलता है। जिसका शव मिला, वह फलावदा पुलिस चौकी में ही तैनात सिपाही अंकुर चौधरी का था। अंकुर का शव मिलने के बाद जब पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे तो वे मौके पर अंकुर के पड़े तमंचे को देखकर आत्महत्या करने की बात कहकर लौट आए। फोरेंसिक जांच में दो गोली लगने की पुष्टि हुर्इ आैर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ तो अब अपने सिपाही की हत्या की जांच में पुलिस अफसरों को पसीने छूटने लगे हैं।
सवाल ही सवाल उठ रहे
फलावदा चौकी के सिपाही की हत्या के बाद थाना क्षेत्र पुलिस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। पुलिस अफसरों ने जब फलावदा एसआे करतार सिंह से पूछा कि सिपाही अंकुर की रवानगी आैर आमद किस समय की है, तो एसआे ने जानकारी होने से मना कर दिया। फलावदा की चौकी पर किसी दरोगा की तैनाती भी नहीं है। सिपाहियों के भरोसे यह पुलिस चौकी चल रही थी। बताते हैं कि अंकुर तेजतर्रार सिपाहियों में था। पुलिस की जांच में अभी सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कोर्इ न कोर्इ सूत्र निकल आए। बताते हैं कि सिपाही अंकुर की देर रात हत्या से एक दिन पहले शाम को सात बजे पुलिस चौकी पर फायर भी हुआ था।
हत्या बन रही है पहेली
मृतक अंकुर ने 10-11 जनवरी की रात करीब 1.22 बजे फोन पर मंगेतर से बात की थी। उसके बाद वह डेढ़ बजे पुलिस चौकी से अकेला निकल गया। चौकी से 700 मीटर की दूरी तक वह अकेला गया या कोर्इ उसे अपने साथ ले गया, ये भी सवाल बना हुआ है। बताते हैं कि इससे पहले सिपाही अंकुर दीवान राजेंद्र आैर संजय बालियान के साथ एक ही कमरे में वर्दी में सोए थे। यानि अंकुर को कहीं जाना था, इसलिए उसने वर्दी भी नहीं उतारी थी। इसकी भनक उसके स्टाफ के लोगों को भी नहीं लग पायी। डीआर्इजी अखिलेश कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच गहनता से की जा रही है आैर हर बिन्दु को ध्यान में रखकर केस का खुलासा किया जाएगा।