Highlights मेरठ के गांव झिंझोकर में तेंदुए की सूचना से दहशत गांव की गलियों में छाया सन्नाटा, झुंड में चल रहे ग्रामीण जानवरों को खुले से घर के भीतर बांधा, लोग घर में कैद
मेरठ। मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव झिंझोकर मेें तेंदुआ आने की खबर से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों में सुबह से ही दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में तेंदुआ सुबह दस बजे तालाब के पास दिखाई दिया था। इसके बाद से ग्रामीणों ने तालाब के पास आना-जाना छोड़ दिया। तब से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। इसकी जानकारी पर वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची। सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी अभी तक तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं लगा है। गांव में डीएफओ अदिति शर्मा ने डेरा डाल दिया है। वे गांव में ही कैंप किए हुए हैं।
कंकरखेडा थाना क्षेत्र के गांव झिंझोखर के खेतों में गुरूवार की देर रात तेंदुआ दिखने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इस दौरान एक किसान का तेंदुए से आमना-सामना हो गया। हालांकि किसान किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भागा। जानकारी होने पर किसान खेतों पर जाने से परहेज कर रहे हैं। उधर, सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में रोष है।
गांव झिंझोखर निवासी रमेश खेत पर गन्ना बांधने गया था, जैसे ही तालाब के पास पहुंचा तो वहां तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। वह तेंदुए को देखकर डर गया तथा खेत पर कार्य कर रहे अन्य लोगों को भी इसकी सूचना दी। उसकी बात पर किसी को यकीन नहीं हुआ। फिर आज शुक्रवार को सुबह तालाब के पास तेंदुए को देख लोग दहशत में आ गए तथा खेतों पर काम करना बंद कर दिया। तेंदुए के पंजे के निशान भी खेत में देखे गए हैं। इस दौरान ग्रामीण हथियारों से लैस होकर तेंदुए की तलाश में निकल पडे़, लेकिन वह नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे मामले की जानकारी की। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि वन विभाग की टीम तेंदुआ पकड़ने के लिए पूरी तैयारी के साथ आई है। गांववासियों को भी सतर्क कर दिया गया है। अभी यह भी देखा जा रहा है कि ग्रामीणों ने तेंदुए को ही देखा है या फिर किसी अन्य को।