मेरठ

पति से बेवफाई करके जिस प्रेमी के लिए सबकुछ छोड़ा, उसकी वजह से ही अंजलि ने लगा ली फांसी, जानिए पूरी कहानी

Highlights मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की सरस्वती विहार का मामला पति के शादीशुदा दोस्त के साथ रहने लगी थी अंजलि मां की तरीर पर आरोपी समेत पांच पर दर्ज हुआ केस  

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May 04, 2020

मेरठ। पांच साल पहले जिस पति के साथ सात फेरों के बंधन में बंधी, उसी रिश्ते को एक परायी चाहत में पल भर में भुला दिया। बूढ़े बाप की जान इसी सदमे में चली गई। परिवार भी छूट गया और पति भी। बेमेल मोहब्बत को नाम मिला लिव इन का, तो वह भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। नतीजा, जिसकी चाहत में तमाम रिश्तों से बेवफाई की वह ही किसी और का हो गया। अंजाम, बेपनाह दर्द के साथ इस दुनिया से विदाई। कुछ ऐसी ही कहानी है एक दरोगा की बेटी की। जिसने रिश्तों की रुसवाई के बाद फांसी लगाकर इस दुनिया से विदाई ले ली। कोरोना संक्रमण से लॉकडाउन के दौरान हुए इस प्रेम कहानी के दर्दनाक अंत की चर्चा हर जुबान पर है।

मामला जुड़ा है रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार निवासी अंजलि से। यूपी पुलिस के रिटायर्ड दरोगा चंद्रपाल ने बेटी अंजलि का विवाह बड़े अरमानों से गढ़ रोड के कमालपुर निवासी कांस्टेबल मोतीलाल से किया था। हाईफाई माहौल में पली बढ़ी अंजलि को सीधे साधे मोतीलाल का साथ रास नहीं आया और उसकी नजदीकियां मोतीलाल के साथी सिपाही आशीष से बढ़ गई। आशीष अंजलि के ही मायके कॉलोनी सरस्वती विहार का रहने वाला था, उसकी मां मधु क्षेत्रीय पार्षद भी रही थी। दोनों के बीच मोहब्बत बढ़ी तो इसकी भनक मोतीलाल को भी लग गई, इस पर वह अंजलि को उसके घर सरस्वती विहार छोड़ गया, लेकिन रिश्तों की बेडिय़ां तोड़ चुकी अंजलि अपने घर से ही सिपाही आशीष के साथ चली गई। खास बात ये है कि आशीष पहले से ही शादीशुदा था और उसने अपनी पड़ोसन कनिका से प्रेम विवाह किया था। अंजलि आशीष के साथ फरार हुई तो पिता चंद्रपाल ने उसके अपहरण का मुकदमा आशीष के खिलाफ दर्ज करा दिया।

खुद पुलिस में लंबी नौकरी गुजारने के बाद भी चंद्रपाल को इस मामले में थाने के इतने चक्कर काटने पड़े कि वह टूट गए। इसी बीच बेटी वापस आई तो उसने बजाय पिता और पति के साथ रहने के प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई। बेटी की इस रुसवाई ने पिता को ऐसा तोड़ा कि उन्होंने मौत को गले लगा लिया। तमाम रिश्तों से आजाद हुई अंजलि को तो जैसे खुला आसमान मिल गया। वह शादीशुदा प्रेमी के साथ रोहटा रोड पर ही किराए के मकान में लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी। पड़ोसन से प्रेम विवाह करने के बाद दोस्त की बीवी को अपने जाल में फंसाने वाला सिपाही आशीष ज्यादा दिन अंजलि का होकर भी न रह सका। कुछ दिन में ही उसने दूसरी महिलाओं से रिश्ते बढ़ाने शुरू कर दिए।

इसकी भनक अंजलि को लगी तो वह अंदर से टूट गई। कई बार आशीष को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। दूसरी ओर घरवाले भी उससे संबंध तोड़ चुके थे। नतीजा अपनों को खोकर प्रेमी की बेवफाई झेलने वाली अंजलि अंदर से टूट गई और एक दर्दभरा खत लिखकर मौत को गले लगा लिया। अजंलि की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में इसी की चर्चा है। अंजलि के भाई ने भी रो-रोकर बताया कि एक आदमी ने उनके पूरे परिवार को तबाह कर दिया। पिता और बहन ने आत्महत्या कर ली। अंजलि के नाम जो पैसा था वह भी आशीष ने हड़प लिया।

अंजलि के सुसाइड करने के बाद उसकी मां ने थाना कंकरखेड़ा में तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए इस मामले में आरोपी आशीष, उसके भाई बंटी और अन्य तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ दौराला जितेंद्र सरगम का कहना है कि आशीष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का कहना है कि उसकी पोस्टिंग शामली में है और वहीं अंजलि से उसकी मुलाकात हुई थी। अंजलि के शव के पास सुसाइड नोट मिला है, उसने सिपाही आशीष पर आरोप लगाए थे।

Published on:
04 May 2020 11:49 am
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