
मेरठ। प्रदेश में बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए योगी सरकार बिजली चोरों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाने जा रही है। इस तरह के आदेश सरकार ने विभागीय अफसरों को दिए हैं। सोमवार को पीवीवीएनएल के नए एमडी अरविंद मलप्पा बंगारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता भी यही बताई।
नए एमडी बंगारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और बिजली चोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी बड़े शहरों में हो रही है। सरकार बिजली चोरी पर लगाम लगाकर उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देना चाहती है, लेकिन बिजली चोर सरकार की इस कोशिश में आड़े आ रहे हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए वे पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार ईमानदार उपभोक्ताओं से भी बिजली चोरों के बारे में जानकारी देने की अपील करेगी।
इसके अलावा जिन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक बिजली चोरी पाई जाएगी। उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीवीवीएनएल के तमाम फीडरों पर कराई गई बिजली चोरी की जांच के बाद यह पता लगा कि बड़े शहरों में सबसे अधिक बिजली चोरी होती है। उन्होंने बताया कि अकेले मेरठ जिले के 30 फीडर ऐसे पाए गए हैं। जहां सर्वाधिक बिजली चोरी हो रही है। अधिकतम पारेषण क्षति वाले जनपदों में गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बिजनौर आदि शामिल हैं। शामली, बागपत, जयप्रकाश नगर, संभल आदि अपेक्षाकृत छोटे शहरों में भी अच्छी-खासी बिजली चोरी की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि बिजली चोरों के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, उसे और सख्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता बिजली की आपूर्ति को 24 घंटे बहाल करना होगी।