
मेरठ. यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण में मनमानी करने के आरोप में मेरठ डीआइओएस राजू राणा सहित सात जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों पर शासन की गाज गिरी है। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ सहित सात जिलों के डीआइओएस को निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र निर्धारण में शिक्षा अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगे थे। हद तो तब हो गई थी, जब मानक के अनुरूप परीक्षा केंद्रों का निर्धारण भी नहीं किया। इसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधकों और कुछ भाजपाइयों ने डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा से की थी।
दरअसल, जब डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा मेरठ दौरे पर आए थे तो उन्हें शिकायत मिली थी कि इन जिलों के डीआइओएस ने यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही नकल माफियाओं से साठगांठ कर ली है। जिसके चलते कई ऐसे स्कूलों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनके नाम नकल कराने के चलते ब्लैक लिस्टेड हैं। डिप्टी सीएम ने जांच कराई तो मामले का खुलासा हो गया। इसके बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने मेरठ, गोंडा, गाजीपुर और प्रतापगढ़ सहित सात जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
हालांकि, अभी इस आदेश की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। वहीं, डिप्टी सीएम द्वारा की गई कार्रवाई की खबरों के बाद मेरठ जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार ब्लैक लिस्टेड स्कूलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस बारे में जब जिला विद्यालय निरीक्षक नंबर एक सरदार सिंह से बात की गई तो उनका कहना था सूचना तो है कि कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है और उनमें मेरठ के भी हैं। लेकिन, आधिकारिक रूप से कोई आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है।