वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अफसरों ने बिठार्इ जांच
मेरठ। मेरठ जिला अपराध के लिए तो बदनाम है ही साथ ही यहां पर जुआ और सट्टे का कारोबार भी फल-फूल रहा है। सट्टे और जुए का यह कारोबार प्रतिदिन लाखों रूपये इधर से उधर करता है। हैरानी की बात कि सट्टे और जुए का यह कारोबार योगीराज में मेरठ पुलिस की सरपरस्ती में चल रहा है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं मिल रहा है, लेकिन पुलिस की गर्दन फंसती देख एसपी सिटी ने इसकी जांच बैठाने की बात कही है।
मामला थाना लिसाड़ीगेट क्षेत्र के समरगार्डन का है। जहां पर खाकी की सरपरस्ती में चल रहे सट्टे के अड्डे का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। एसपी सिटी ने पूरे मामले की जांच की बात कहते हुए कड़ी कार्रवार्इ के निर्देश दिए हैं। वहीं थाना लिसाड़ी गेट का कोई भी पुलिसकर्मी मामले में मुंह खोलने को तैयार नहीं है। दरअसल, सोमवार की शाम एक वीडियो तेजी से शहर के कई व्हाट्सएप ग्रुपो में वायरल हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति तंग गलियों से गुजरता हुआ एक मकान में पहुंचता है। मकान के भीतर काउंटर के पीछे बैठा एक व्यक्ति बेखौफ होकर सट्टे की पर्चियां काट रहा है। युवक भी अपने बताए नंबर पर दांव लगाकर पर्ची कटवाता है और चला जाता है। मकान से चंद कदम की दूरी पर सट्टे के इस अड्डे का संचालक बीच सड़क पर चारपाई बिछाए बैठा है। वहीं उसके बराबर में कुर्सी पर दो वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि लिसाड़ीगेट थाने में तैनात दोनों पुलिसकर्मी सट्टा माफिया से उगाही करने गए थे। जिस मकान में सट्टे का कारोबार चल रहा है वहीं से चंद कदम की दूरी पर पुलिसकर्मी भी बैठे हुए हैं। ये पुलिसकर्मी सट्टा कारोबारी के पास ही बैठे हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि सीओ और एसओ को मामले में कड़ी कार्रवार्इ के आदेश दिए गए हैं।