पत्रिका पोल में लॉकडाउन की 21 दिनों की अवधि बढ़ाने पर ली गई राय। 25 मार्च से शुरू टोटल लॉकडाउन की अवधि आगामी 14 अप्रैल को हो रही है खत्म। पीएम मोदी ने शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की मंत्रणा।
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के रोजाना तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए फिलहाल मौजूदा 21 दिनों के लॉकडाउन को और बढ़ाने की तैयारी तकरीबन पूरी मानी जा रही है। बीते 25 मार्च से लागू 21 दिनों के टोटल लॉकडाउन को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। इस चर्चा में ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने पर सहमति जताई। ऐसा ही सोचना अधिकांश सोशल मीडिया यूजर्स का भी है, जिन्होंने पत्रिका के पोल में कोरोना संक्रमण को फैलनेे से रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाने को बेहतर बताया।
पत्रिका ने अपने सोशल मीडिया चैनल्स पर शुक्रवार को एक सवाल पूछा, "क्या देश भर में लागू 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि को और बढ़ाने से कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा?" इस सवाल के जवाब में सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिक्रिया दी।
पत्रिका पोल में यूजर्स से इसका जवाब हाँ, नहीं और पता नहीं के रूप में मांगा गया था। पत्रिका के इस पोल में 8900 से ज्यादा यूजर्स ने हिस्सा लेकर अपने जवाब दिए। इस सवाल पर 7700 से ज्यादा यूजर्स ने हां को सेलेक्ट किया और इस बात पर हामी जताई कि देश में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाना चाहिए।
वहीं, 1100 से ज्यादा यूजर्स ऐसे भी थेे जो यह नहीं मानते हैं कि लॉकडाउन का वक्त बढ़ाने से कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
पत्रिका पोल के परिणाम के मुताबिक 87.5 फीसदी यूजर्स चाहते हैं कि देश में लॉकडाउन की 21 दिनों की अवधि को बढ़ा दिया जाए। वहीं, 12.5 फीसदी यूजर्स इसके पक्ष में नहीं हैं।
क्यो होगा फैसला
हालांकि यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि पीएम मोदी लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में क्या फैसला लेते हैं। वैसे देश में बढ़ते हुए कोरोना वायरस के मामले काफी गंभीर हालात की ओर ईशारा कर रहे हैं।
अब तक की स्थिति
शनिवार शाम केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि देश में अब तक कोरोना वायरस पॉजिटिव केस का आंकड़ा 7286 पर पहुंच चुका है। इनमें से अब तक 652 लोग सही हो चुके हैं या डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। जबकि इस जानलेवा वायरस की चपेट में आकर 242 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं, 1 व्यक्ति माइग्रेट हो चुका है।