इस इलाके में लोग एक कॉपर फैक्ट्री को बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उसकी वजह से इलाके में काफी प्रदूषण बढ़ गया है।
चेन्नई। तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में एक कारखाने को बंद कराने के लेकर पिछले काफी समय से चल रहा प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। इस दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़पों में 12 लोगों की मौत की जानकारी मिल रही है। इसके अलावा 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है। हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी भी की। हिंसाग्रस्त इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर संवेदना प्रकट की है।
कॉपर फैक्ट्री को बंद कराने को लेकर हो रहा है प्रदर्शन
दरअसल, तूतीकोरिन में पिछले काफी समय से एक कॉपर फैक्ट्री को बंद कराने को लेकर प्रदर्शन हो रहा था। मंगलवार तक तो ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा था, लेकिन आज प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। आपको बता दें कि इस इलाके में कॉपर फैक्ट्री की वजह से काफी प्रदूषण हो रहा है, जिस वजह से इलाके का ग्राउंड वॉटर लेवल प्रदूषित हो रहा है। इतना ही नहीं इलाके में पीने के पानी की समस्या भी बढ़ गई है।
लगातार हो रही है ग्राउंड वॉटर की कमी
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री के प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्या का संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में इस कंपनी ने शहर में अपनी और यूनिट बढ़ाने की घोषणा की है। इसलिए स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा कॉपर फैक्ट्री को बंद करने और आगे कोई और यूनिट चालू नहीं करने की मांग की है।
हालातों को लेकर पुलिस अधिकारियों का बयान
इस हिंसक प्रदर्शन के बाद तमिलनाडु के डीजीपी टीके राजेंद्रन का कहना है कि तूतीकोरिन के लोगों को किसी चिंता की जरूरत नहीं। हम हालात को काबू में लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और यह अब काफी हद तक काबू में भी आ चुका है।' वहीं, प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मौत पुलिस की गोलियों से हुई यह जांच के बाद भी स्पष्ट हो सकेगा।
2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने हालातों पर पाया काबू
हिंसक प्रदर्शन के समय घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया है कि पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को कारखाने तक पहुंचने से रोका तो उन्होंने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों ने मिलकर एक पुलिस वाहन को पलट दिया। इन प्रदर्शनकारियों ने स्टरलाइट प्लांट के साथ साथ कलेक्टर ऑफिस के घेराव की भी कोशिश की। ऐसे में भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस की इस कार्रवाई से लोग भड़क गए और कलेक्टर दफ्तर के अंदर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत एक्सट्रा फोर्स मंगाई। 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने तूतीकोरिन इलाके में हालातों को काबू किया।
वहीं मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने स्टरलाइट कारखाने के इर्दगिर्द सुरक्षा बढ़ा दी थी और वहां धारा 144 लागू कर दिया था।