
नई दिल्ली। देशभर में जारी कोरोना संकट के बीच प्लाज्मा थेरेपी के अंधाधुंध उपयोग को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ( ICMR ) ने चिंता जाहिर की है। आईसीएमआर ने कंवलसेंट प्लाज्मा थेरेपी ( CPT ) पर एक बार फिर अपना रुख दोहराते हुए कहा है कि हम देश में COVID19 उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के व्यापक इस्तेमाल के खिलाफ हैं। आईसीएमआर ने अस्पतालों के प्रबंधकों से इसके गैर जरूरी उपयोग से बचने की सलाह दी है।
कोरोना मरीज को ठीक करने में प्रभावी नहीं है सीपीटी
की शीर्ष चिकित्सा निकाय आईसीएमआर ने अपने अध्ययन में इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि सीपीटी गंभीर कोरोना मरीजों को ठीक करने में प्रभावी साबित नहीं हुआ। न ही इसके उपयोग से मृत्यु में कमी आई है। इसलिए सीपीटी का अंधाधुंध उपयोग उचित नहीं है। बता दें कि दिल्ली में COVID की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन पहले एक इमरजेंसी बैठक बुलाई थी। उससे बाद से कोरोना रोकथाम में जुटी एजेंसियां फिर से सक्रिय हो गई हैं। इस मामले में दिल्ली की स्थिति बहुत खराब है और कोरोना को काबू में करने के लिए कारगर उपायों पर जोर देने की जरूरत है।